बेंगलुरु की सड़कों पर व्हाइट-टॉपिंग का काम तय समय में पूरा करने के निर्देश
बेंगलुरु: ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के चीफ कमिश्नर एम. महेश्वर राव ने शहर में चल रहे व्हाइट-टॉपिंग कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्यों में मानकों का पालन करने और तकनीकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
चीफ कमिश्नर एम. महेश्वर राव ने बेंगलुरु नॉर्थ अर्बन कॉर्पोरेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कई प्रमुख सड़कों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अमृतहल्ली मेन रोड, रेलवे फ्लाईओवर जक्कूर रोड (रिटार संथे रोड), अलाल्संद्रा रोड, एलएंडटी रोड, राजीव गांधी नगर रेलवे पैरेलल रोड और सहकारिनगर 20वें क्रॉस रोड पर चल रहे व्हाइट-टॉपिंग कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ निर्माण कार्य की स्थिति, समयसीमा और गुणवत्ता को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण परियोजनाओं में देरी नहीं होनी चाहिए और तय योजना के अनुसार सभी कार्य पूरे किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहर में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए व्हाइट-टॉपिंग परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में निर्माण की गति के साथ-साथ गुणवत्ता बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम को जल्द पूरा करने के दबाव में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
अमृतहल्ली मेन रोड पर 800 मीटर व्हाइट-टॉपिंग का काम
निरीक्षण के दौरान अमृतहल्ली मेन रोड पर चल रहे व्हाइट-टॉपिंग कार्य की विशेष रूप से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यहां करीब 800 मीटर लंबी सड़क पर व्हाइट-टॉपिंग का काम चल रहा है।
चीफ कमिश्नर ने निर्देश दिया कि सड़क निर्माण के साथ-साथ फुटपाथ निर्माण का काम भी तुरंत शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क और फुटपाथ जैसे जरूरी कार्यों को अलग-अलग चरणों में करने के बजाय समानांतर रूप से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके और लोगों को जल्द सुविधा मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण स्थल पर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। इसके लिए ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा उपायों और कार्यस्थल की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा गया।
क्योरिंग प्रक्रिया में नई तकनीक अपनाने के निर्देश
एम. महेश्वर राव ने व्हाइट-टॉपिंग की मजबूती और टिकाऊपन को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंक्रीट सड़क की क्योरिंग प्रक्रिया में पारंपरिक बोरी (गनी बैग) के इस्तेमाल के बजाय बेहतर तकनीकी विकल्पों का उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि क्योरिंग के लिए 100 मीटर लंबी जियोटेक्सटाइल शीट या क्योरिंग ब्लैंकेट का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन सामग्रियों के प्रदर्शन की नियमित जांच की जानी चाहिए, ताकि सड़क की गुणवत्ता और मजबूती सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि सही क्योरिंग प्रक्रिया सड़क की उम्र बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए निर्माण के हर चरण में तकनीकी मानकों का पालन किया जाना जरूरी है।
शहर की सड़कों को मजबूत बनाने पर जोर
बेंगलुरु में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए मजबूत और टिकाऊ सड़कों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। व्हाइट-टॉपिंग तकनीक को लंबे समय तक चलने वाली सड़क निर्माण प्रणाली के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक से बनी सड़कें सामान्य डामर सड़कों की तुलना में अधिक टिकाऊ मानी जाती हैं और भारी यातायात को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं।
चीफ कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि शहर के विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी कमी को तुरंत दूर किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे काम की स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी। चीफ कमिश्नर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और निर्धारित समय में परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए जरूरी है कि विकास कार्य तेजी से हों, लेकिन उनकी गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे।
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी अब शहर में चल रहे व्हाइट-टॉपिंग और अन्य सड़क सुधार कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि तय समय पर परियोजनाएं पूरी होने से शहर के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को अधिक सुविधाजनक सड़कें मिल सकेंगी।