बेंगलुरु। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया के बाद मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होने वाली है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। इस सूची को लेकर राजनीतिक दलों, चुनाव अधिकारियों और मतदाताओं की नजरें टिकी हुई हैं। विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए यह सूची महत्वपूर्ण है, जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं थे या जिनके मतदाता विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि थी।

24 अगस्त 2026 को जारी मसौदा मतदाता सूची में कुल 4,46,80,151 मतदाता दर्ज किए गए थे। इससे पहले राज्य में लगभग 5.54 करोड़ मतदाता थे। पुनरीक्षण के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरी प्रविष्टि और अन्य श्रेणियों में बड़ी संख्या में नाम अलग किए गए थे। इसके बाद नाम जोड़ने, हटाने और सुधार से जुड़े आवेदनों की जांच की गई।

24 अगस्त को जारी हुई थी मसौदा मतदाता सूची

कर्नाटक में एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की गई। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया। इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और गलत या दोहराई गई प्रविष्टियों की पहचान करना था।

24 अगस्त को प्रकाशित प्रारूप सूची में 4.46 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए थे। प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, इनमें 2,22,01,727 पुरुष, 2,24,75,553 महिलाएं और 2,871 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल थे। इन आंकड़ों में भी कुल संख्या से थोड़ा अंतर दिखाई देता है, इसलिए अंतिम आधिकारिक विवरण महत्वपूर्ण होगा।

43.82 लाख से अधिक मतदाताओं को जारी हुए नोटिस

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान लाखों मतदाताओं के दस्तावेजों और विवरण में विसंगतियां सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक स्पष्टीकरण मांगा था।

कर्नाटक मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, कुल 43,82,824 नोटिस जारी किए गए और इनसे संबंधित सुनवाई पूरी कर ली गई। नोटिस मुख्य रूप से उन मामलों में भेजे गए थे, जिनमें पुराने चुनावी रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पा रहा था या मतदाता विवरण में असंगतियां पाई गई थीं।

चुनाव अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर इन मामलों की जांच की। इसके बाद अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के लिए मिले करीब 26 लाख आवेदन

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग को बड़ी संख्या में आवेदन मिले। 16 जून से 22 अक्टूबर के बीच विभिन्न श्रेणियों में कुल 25,87,461 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई।

इनमें नए मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6, विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के लिए फॉर्म-6ए, नाम हटाने संबंधी आपत्तियों के लिए फॉर्म-7 और मतदाता विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 के आवेदन शामिल थे।

चुनाव आयोग के अनुसार, 23 सितंबर तक प्राप्त फॉर्म-7 आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया गया। अंतिम सूची में इन आवेदनों के प्रभाव का पता चलेगा।

विदेशी नागरिकों के नाम हटाने को लेकर भी चर्चा

एसआईआर अभियान का एक उद्देश्य मतदाता सूची में शामिल अपात्र व्यक्तियों की पहचान करना भी है। अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन के दौरान मतदाताओं की पात्रता और नागरिकता से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई है।

हालांकि, राज्य में कितने विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, इसकी प्रमाणित संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। अंतिम सूची और विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर राजनीतिक विवाद

कर्नाटक में एसआईआर अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने फॉर्म-7 के जरिए सामूहिक आपत्तियां दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा ने आरोपों को खारिज किया है।

चुनाव अधिकारियों ने शिकायतों की जांच करने और मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम हटाने के प्रयासों पर कार्रवाई करने की बात कही है। ऐसे में अंतिम सूची का प्रकाशन राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मतदाता सूची में अपना नाम कैसे चेक करें?

अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी जानकारी देख सकते हैं।

- सबसे पहले निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं।

- मतदाता सूची में नाम खोजने का विकल्प चुनें।

- मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC नंबर या मांगी गई जानकारी दर्ज करें।

- संबंधित निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र का विवरण जांचें।

- नाम नहीं मिलने पर संबंधित BLO या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी से संपर्क करें।

चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और विवरण में सुधार की प्रक्रिया अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद भी जारी रह सकती है। इसके लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

अंतिम सूची से स्पष्ट होगी वास्तविक मतदाताओं की संख्या

अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद स्पष्ट होगा कि एसआईआर अभियान में कितने नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, कितने नाम हटाए गए और कितनी प्रविष्टियों में सुधार हुआ।

इसके साथ ही पुरुष, महिला और अन्य श्रेणी के मतदाताओं की अद्यतन संख्या भी सामने आएगी। चुनाव आयोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनी रहे।

फिलहाल कर्नाटक के लाखों मतदाताओं की नजरें 27 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची पर टिकी हैं।

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