डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद नाराज होकर निकले बसवराज होरट्टी

Update: 2026-08-07 08:17 GMT

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब विधान परिषद के चेयरमैन बसवराज होरट्टी मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात के बाद कथित तौर पर नाराज होकर बैठक स्थल से बाहर निकल गए। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के बाद होरट्टी के रवैये को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

जानकारी के अनुसार, बसवराज होरट्टी ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से दूसरी बार मुलाकात की थी। यह बैठक करीब 10 मिनट तक चली। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री होरट्टी को विदा करने के लिए घर के गेट तक आए, लेकिन इस दौरान होरट्टी कुछ नाराज नजर आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाहर निकलते समय होरट्टी ने अपने स्टाफ से पूछा, “अरे... गाड़ी कहां है?” इसके बाद वह मुख्यमंत्री शिवकुमार की ओर देखे बिना ही अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जाने लगीं कि दोनों नेताओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद हो सकता है।

हालांकि, बाद में बसवराज होरट्टी ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विधान परिषद में अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रस्ताव को 14 अगस्त को पेश किया जाएगा।

होरट्टी के बयान के बाद यह साफ हो गया कि मौजूदा घटनाक्रम को लेकर चल रही अटकलों के बावजूद उन्होंने किसी बड़े राजनीतिक टकराव से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।

बसवराज होरट्टी कर्नाटक विधान परिषद के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं और कई बार विधान परिषद के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके किसी भी राजनीतिक कदम को कर्नाटक की राजनीति में अहम माना जाता है।

वहीं, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार राज्य सरकार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात और उसके बाद का घटनाक्रम राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में विधान परिषद से जुड़े मुद्दों और प्रस्तावित राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक में किन विषयों पर बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हालांकि होरट्टी ने स्पष्ट किया है कि इसे लेकर किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है और प्रस्ताव 14 अगस्त को ही पेश किया जाएगा।

कर्नाटक की राजनीति में विधान परिषद की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। परिषद में होने वाली गतिविधियां अक्सर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में चेयरमैन से जुड़ा कोई भी घटनाक्रम राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुलाकात के बाद होरट्टी के नाराज दिखने की खबरों ने कई सवाल खड़े किए, लेकिन उनके बाद के बयान से संकेत मिला कि मामला किसी बड़े विवाद की ओर नहीं बढ़ रहा है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि नेताओं के बीच बैठकों और मुलाकातों के दौरान कई बार मतभेद सामने आ सकते हैं, लेकिन हर घटनाक्रम का राजनीतिक संकट से जुड़ा होना जरूरी नहीं होता। अब सभी की नजर 14 अगस्त को होने वाली कार्यवाही पर रहेगी, जब अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

फिलहाल, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और बसवराज होरट्टी के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से किसी गंभीर विवाद की पुष्टि नहीं की गई है।

Tags:    

Similar News