पलामू (झारखंड)। झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज और जानलेवा इंजेक्शन के कारण 12 वर्षीय मासूम बच्ची विपाशा कुमारी की तड़पकर मौत हो गई। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का दर्द दे दिया है। मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का सीधा आरोप लगाते हुए पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

रास्ते में बहला-फुसलाकर ले गया अपने क्लिनिक

मृतक बच्ची की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द गांव के रहने वाले पंकज कुमार सिंह चेरो की 12 वर्षीय पुत्री विपाशा कुमारी के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, विपाशा के शरीर में कुछ जख्म (घाव) हो गए थे। उसके बेहतर इलाज के लिए परिजन उसे मेदिनीनगर ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें गांगी गांव का रहने वाला झोलाछाप चिकित्सक मुखलाल चौधरी मिल गया। उसने बच्ची के चाचा को झांसा देते हुए कहा कि मेदिनीनगर जाने की कोई जरूरत नहीं है, वह अपने क्लिनिक में ही इसका सबसे अच्छा और पक्का इलाज कर देगा। झोलाछाप के झांसे में आकर परिजन बच्ची को लेकर उसके गांगी स्थित क्लिनिक चले गए।

इंजेक्शन लगते ही बेहोश हुई बच्ची, रास्ते में तोड़ा दम

मृतका के चाचा राणा प्रताप सिंह चेरो ने बताया कि क्लिनिक पहुंचने के बाद कथित डॉक्टर ने बच्ची का इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान जैसे ही डॉक्टर ने विपाशा को एक इंजेक्शन लगाया, उसकी हालत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ने लगी और वह देखते ही देखते बेहोश हो गई। बच्ची की हालत बिगड़ती देख परिजन बुरी तरह घबरा गए और उसे तुरंत मेदिनीनगर अस्पताल ले जाने के लिए भागे। लेकिन अफसोस, अस्पताल पहुंचने से पहले ही शाहपुर के पास मासूम विपाशा ने दम तोड़ दिया। परिजनों का साफ कहना है कि इंजेक्शन लगाने से पहले बच्ची पूरी तरह सामान्य थी और बातचीत कर रही थी। उसकी मौत सिर्फ और सिर्फ गलत दवा और जानलेवा इंजेक्शन की वजह से हुई है।

रोजी-रोटी के लिए दो दिन पहले गए थे पिता, लाडली का चेहरा देखना भी नसीब न हुआ

इस दिल दहला देने वाले हादसे ने पूरे परिवार को गहरा सदमा दिया है। सबसे ज्यादा दर्दनाक बात यह है कि बच्ची के पिता पंकज कुमार सिंह चेरो अपने परिवार की रोजी-रोटी चलाने के लिए महज दो दिन पहले ही घर से बाहर काम करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि जिस लाडली को वह दो दिन पहले हंसता-खेलता छोड़ कर गए हैं, वह अब इस दुनिया में नहीं रही। बेटी की मौत की खबर मिलते ही पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वह तुरंत घर के लिए रवाना हो चुके हैं। बच्ची की मां पूनम देवी और पूरे गांव में इस समय मातम पसरा हुआ है।

बिना योग्यता के गांव-गांव घूमकर लोगों की जान से खिलवाड़

स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि आरोपी मुखलाल चौधरी के पास चिकित्सा की कोई वैध डिग्री या योग्यता नहीं है। वह बिना किसी डिग्री के गांव-गांव घूमकर भोले-भाले लोगों का इलाज करता है और उनकी जान से खिलवाड़ करता है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी

चैनपुर थाना प्रभारी लालजी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका की मां पूनम देवी के लिखित आवेदन के आधार पर आरोपी झोलाछाप मुखलाल चौधरी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।

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