Mata Vaishno Devi Yatra: तीन दिन बंद रहेगी माता वैष्णो देवी यात्रा, नया आदेश जारी
Mata Vaishno Devi Yatra: हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति की कामना से माता वैष्णो देवी की आस्था के पथ पर अग्रसर होते हैं। हालाँकि, इस बार प्राकृतिक चुनौतियाँ उनकी यात्रा के लिए एक बड़ा खतरा बनती दिख रही हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद, माता वैष्णो देवी यात्रा को तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की आपदा या असुविधा का सामना न करना पड़े।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों तक जम्मू संभाग में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। इस गंभीर मौसम पूर्वानुमान के मद्देनजर, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 5, 6 और 7 अक्टूबर, 2025 तक तीर्थयात्रा स्थगित करने का आदेश जारी किया है। अब तीर्थयात्रा 8 अक्टूबर को फिर से शुरू होगी। यह कदम पिछले अगस्त में हुए विनाशकारी भूस्खलन के बाद बढ़ी हुई सुरक्षा सतर्कता का परिणाम है। अर्धकुंवारी के पास हुई उस घटना में एक भीषण भूस्खलन हुआ था जिसमें तीस से अधिक तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और भारी क्षति हुई थी।
श्राइन बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के माध्यम से बताया कि मौसम विभाग ने भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है, जिसके कारण तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए यह अस्थायी रोक ज़रूरी हो गई है। हाल ही में, कटरा से भवन मार्ग पर चट्टानें खिसकने और जलभराव की घटनाएँ देखी गईं, जिससे सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं। इसलिए, बोर्ड ने तीर्थयात्रियों से इस अवधि के दौरान अपनी तीर्थयात्रा की योजना न बनाने और मौसम सामान्य होने के बाद ही लौटने का आग्रह किया है।
इससे पहले, अगस्त के अंतिम सप्ताह में, अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन ने तीर्थयात्रा मार्ग को पूरी तरह से बाधित कर दिया था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। उस त्रासदी से सबक लेते हुए, प्रशासन ने आगे की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मौसम विभाग की चेतावनी मिलने पर इस बार तीर्थयात्रा को स्थगित करने का त्वरित निर्णय लिया। इस मौसम परिवर्तन का असर जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के कई इलाकों में महसूस किया जा सकता है, और भारी बारिश की संभावना के कारण स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इसलिए, माता वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा इस अस्थायी रुकावट के बाद ही सुचारू रूप से फिर से शुरू होगी, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।