Mathura मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में जन्माष्टमी 2026 का उत्सव भक्ति और उल्लास के रंग में रंग गया है। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु कृष्ण जन्मभूमि पर कान्हा के जन्म के उस दिव्य क्षण का इंतजार कर रहे हैं, जब चारों ओर सिर्फ एक ही जयघोष गूंजेगा—"नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा नगरी पूरी तरह कृष्णमय नजर आ रही है। मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है, गलियों में भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।
कृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर में जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 108 कमल पुष्पों से भगवान श्रीकृष्ण की सह-अर्चना की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जन्माष्टमी की रात जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे भक्तों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। श्रद्धालु आधी रात के उस शुभ पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का प्राकट्य होगा और मंदिर परिसर में शंख, घंटियों और जयकारों की गूंज सुनाई देगी।
रासलीला और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण
मथुरा में जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रासलीला, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कलाकार भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर रहे हैं। श्रद्धालु "राधे-राधे" और "जय श्री कृष्ण" के जयकारों के साथ भगवान के दर्शन कर रहे हैं। मंदिरों और बाजारों में विशेष सजावट की गई है, जिससे पूरा ब्रज क्षेत्र एक अलग ही आध्यात्मिक रंग में दिखाई दे रहा है।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु मथुरा पहुंचे हैं। भक्तों का कहना है कि कृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी मनाने का अनुभव उनके लिए जीवनभर याद रहने वाला क्षण है। प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
कान्हा के जन्म की खुशी में डूबा ब्रज
जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर पूरा ब्रज क्षेत्र भगवान कृष्ण की भक्ति में डूबा हुआ है। मान्यता है कि मथुरा की पवित्र धरती पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए यहां जन्माष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है। रात के 12 बजते ही जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा, तब मंदिरों में मंगल गीत, शंखनाद और जयकारों के साथ भक्त लड्डू गोपाल के दर्शन करेंगे।
जनता से रिश्ता परिवार की ओर से सभी पाठकों को भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएं।
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