बिलासपुर पुलिस लाइन में परंपरागत शस्त्र पूजन, सुरक्षा व अनुशासन का संकल्प
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Bilaspur. बिलासपुर। विजयादशमी के अवसर पर पूरे प्रदेश की तरह बिलासपुर में भी परंपरा और अनुशासन से जुड़ा विशेष आयोजन हुआ। पुलिस लाइन में दशहरा पर्व के अवसर पर विधिवत रूप से शस्त्र पूजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अधिकारियों एवं जवानों के साथ शस्त्रों का पूजन किया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने परंपरा के अनुसार शस्त्रों की आराधना कर देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए समर्पित भाव से सेवा करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शस्त्र पूजन को दशहरा पर्व के महत्व से जोड़ते हुए बताया गया कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और शस्त्र पूजन पुलिस बल की परंपरा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक है।
एसएसपी ने प्रेरणा और संकल्प पर दिया जोर
एसएसपी रजनेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दशहरा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि साहस, निष्ठा और सेवा भावना का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा, “शस्त्र पूजन हमारी परंपरा का हिस्सा है। यह हमें अनुशासन और निडर होकर जनता की सेवा करने की प्रेरणा देता है। पुलिस का कार्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में जनता की रक्षा करना है।” पूजन के बाद परंपरा के अनुसार एसएसपी रजनेश सिंह ने हर्ष फायर किया। इसके बाद उपस्थित पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक स्वर में देश और प्रदेश की सुरक्षा व जनसेवा के प्रति समर्पण की शपथ ली। जवानों ने इस अवसर पर अनुशासन और वीरता की शपथ दोहराई और जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
बड़े स्तर पर हुआ आयोजन
शस्त्र पूजन में एसएसपी के साथ-साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेंद्र जयसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अर्चना झा, एएसपी अनुज कुमार, एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे, एएसपी गरिमा द्वैविदी शामिल रहे। इसके अलावा डीएसपी रश्मित कौर चावला, सीएसपी कोतवाली आईपीएस गगन कुमार, सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह, डीएसपी यातायात शिव चरण सिंह परिहार, डीएसपी लालचंद मोहले, डीएसपी अनिता मिंज, डीएसपी भारती मरकाम, रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र गुप्ता सहित पुलिस बल और होमगार्ड के जवान मौजूद रहे। केवल पुलिस लाइन ही नहीं, बल्कि जिले के सभी थाना और चौकी स्तर पर भी मां दुर्गा की पूजा और शस्त्र पूजन किया गया।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मां दुर्गा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना की और शक्ति, साहस तथा कर्तव्यनिष्ठा का आशीर्वाद मांगा। दशहरा पर्व के साथ शस्त्र पूजन को जोड़ते हुए अधिकारियों ने कहा कि यह केवल परंपरा निभाना नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल को अपने कर्तव्य की याद दिलाने और समाज में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के संकल्प को मजबूत करने का अवसर भी है। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल को एकजुट रखना और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। शस्त्र पूजन से जहां धार्मिक आस्था मजबूत हुई, वहीं अनुशासन, सेवा और वीरता का संदेश भी दिया गया।