KCG. केसीजी। साल्हेवारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने कथित पशु तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से चार भैंसे बरामद किए हैं। पुलिस का आरोप है कि मवेशियों को वाहन में ठूंसकर बिना पर्याप्त चारा-पानी के नागपुर की ओर ले जाया जा रहा था। मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी अभिरक्षा में लेकर संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कार्रवाई में मवेशी, पिकअप वाहन और मोबाइल फोन समेत करीब 7 लाख 88 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक, जिले में पशु तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में 13 सितंबर 2026 को साल्हेवारा थाना पुलिस को मुखबिर से एक सफेद रंग के पिकअप वाहन में मवेशियों का कथित रूप से अवैध परिवहन किए जाने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम खादी स्थित आबकारी चेक पोस्ट के पास नाकाबंदी की। कुछ समय बाद सफेद रंग का बोलेरो पिकअप वाहन क्रमांक CG-04-LW-0483 वहां पहुंचा। पुलिस ने वाहन को रोककर जांच की।
जांच के दौरान वाहन में चार भैंसे मिले। पुलिस के अनुसार, मवेशियों को वाहन में ठूंसकर रखा गया था और उन्हें तिरपाल से ढका गया था। वाहन में उनके लिए पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था भी नहीं मिली। पुलिस ने वाहन में मौजूद लोगों से पूछताछ की और मवेशियों की खरीद-बिक्री तथा परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद वाहन और मवेशियों को जब्त कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
कार्रवाई के दौरान चार भैंसों की अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपए आंकी गई है। इसके अलावा करीब 7 लाख रुपए कीमत का बोलेरो पिकअप वाहन और लगभग 8 हजार रुपए कीमत का एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। इस तरह जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 7 लाख 88 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, मवेशियों को नागपुर की ओर ले जाया जा रहा था। पुलिस प्रेस नोट में इन्हें कथित तौर पर कत्लखाने ले जाने की बात कही गई है। इस पहलू को भी मामले की जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस ने प्रकरण में सुमित कुमार धुर्वे (20), निवासी नेवासपुर थाना रेंगाखार, जिला कबीरधाम को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल बताया गया है। किशोर की पहचान कानूनन गोपनीय रखी जानी आवश्यक है, इसलिए उसका नाम या पहचान प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए। साल्हेवारा थाने में अपराध क्रमांक 41/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण संशोधन अधिनियम 2011 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय से संबंधित प्रावधानों के तहत सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस का कहना है कि पशुओं के अवैध परिवहन और उनके साथ क्रूरता से जुड़े मामलों में आगे भी निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।