Raigarh. रायगढ़। जिले में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। इसी क्रम में खनिज एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समरसुता नाला के किनारे दबिश देकर लगभग 60 टन अवैध रूप से उत्खनित कोयला तथा एक चैन माउंटेड मशीन जब्त की है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में पुलिस बल और ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिससे क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के समरसुता नाला क्षेत्र में अवैध कोयला उत्खनन की सूचना खनिज एवं वन विभाग को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए संयुक्त टीम का गठन किया और त्वरित छापामार कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने निर्धारित स्थल पर पहुंचकर जांच की, जहां अवैध रूप से कोयला उत्खनन किए जाने के स्पष्ट प्रमाण मिले। मौके पर बड़ी मात्रा में कोयला संचित पाया गया, जिसे विधिवत जब्त कर लिया गया।
वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ ने बताया कि 2 फरवरी 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर खनिज विभाग, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने समरसुता नाला क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित स्थल पर बिना वैध अनुमति के कोयला उत्खनन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान टीम ने एक चैन माउंटेड मशीन जब्त की, जिसकी पहचान XCMG कंपनी के मॉडल एक्सई 210आई के रूप में हुई। हालांकि, संयुक्त टीम के पहुंचने से पहले ही अवैध उत्खनन में संलिप्त आरोपी मौके से फरार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश एवं छानबीन जारी है। पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान लगभग 60 टन अवैध रूप से उत्खनित कोयला खनिज विभाग द्वारा जब्त किया गया, जबकि चैन माउंटेड मशीन को वन विभाग ने अपने कब्जे में लिया। जब्त कोयला एवं मशीन को विधिवत थाना प्रभारी के सुपुर्द कर दिया गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है और जब्त मशीन के विरुद्ध राजसात की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। वन विभाग के अनुसार, इस प्रकरण की प्रारंभिक सूचना न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय को प्रेषित कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध उत्खनन से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वन मंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन की घटनाओं को रोकने के लिए सतत गश्ती और निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि समरसुता नाला क्षेत्र में मिली सूचना के आधार पर खनिज विभाग और पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में कोयला और मशीन जब्त की गई है। उन्होंने दोहराया कि अवैध खनन के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार खनिज एवं वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। विभागीय टीमों को नियमित गश्त, खुफिया सूचना संकलन और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। फिलहाल, मामले में अग्रिम जांच और विधिक कार्रवाई जारी है।