Baloda Bazar-Bhatapara. बलौदाबाजार-भाटापारा। स्वास्थ्य विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कर कूटरचना और धोखाधड़ी करने के मामले में बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पलारी थाना पुलिस ने मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार शासकीय दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, कूटरचना और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक गौरव राय द्वारा दिए गए हैं। इसी के तहत पलारी पुलिस ने फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार करने वाले गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मामले में थाना पलारी में अपराध क्रमांक 347/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े स्थानांतरण आदेशों में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने इससे पहले 22 अगस्त 2026 को मामले में ग्रामीण चिकित्सा सहायक सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद विवेचना के दौरान पुलिस को अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 23 अगस्त 2026 को दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परख कश्यप पिता महेंद्र कुमार कश्यप उम्र 36 वर्ष, निवासी सिविल लाइन बलौदाबाजार थाना सिटी कोतवाली और प्रणव अवस्थी पिता कृष्णा अवस्थी उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम रिसदा गांधी चौक थाना सिटी कोतवाली के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। अब उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी चिंता जताई गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल थे और इसका लाभ किन लोगों को पहुंचाने की कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी दस्तावेज या आदेश को लेकर संदेह होने पर संबंधित विभाग से सत्यापन जरूर कराएं। फर्जी दस्तावेज तैयार करने या इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।