ठंड से राहत के लिए अलाव जलाना दो महिलाओं के लिए जानलेवा, आग में झुलसा एक युवक
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Korba. कोरबा। जिले में ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेना दो महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हुआ। कोरबा जिले में हाल के दिनों में दो अलग-अलग घटनाओं में आग की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक युवक भी झुलस गया। पहली घटना करतला थाना क्षेत्र के आमादाड़, रजगामार में हुई। 57 वर्षीय गुरुवारी बाई ठंड से बचने के लिए अपने कमरे में अलाव ताप रही थीं। देर रात अचानक आग उनके कमरे में फैल गई और वह गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन गुरुवार देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतिका के रिश्तेदार लक्ष्मण सिंह अघोरिया ने बताया कि गुरुवारी बाई के कोई संतान नहीं थी और लगभग एक माह पहले लकवा मारने के बाद उनकी तबीयत काफी खराब थी। परिजन प्रमिला अघोरिया के अनुसार, 12 फरवरी की शाम गुरुवारी बाई अपने कमरे में अलाव जलाकर आराम कर रही थीं, तभी यह दुखद घटना घटित हुई।
दूसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर बस्ती में सामने आई। 38 वर्षीय रूबी देवी घर के पास कुछ लोगों द्वारा जलाए गए अलाव के पास ठंड से राहत पाने के लिए खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया और शासकीय रानी धनराज कुंवर उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल रेफर किया गया। 15 फरवरी, गुरुवार को बिलासपुर में इलाज के दौरान रूबी देवी की मौत हो गई।
इस घटना में रूबी देवी को बचाने की कोशिश करते हुए 22 वर्षीय जगदीश कुमार भी झुलस गया। उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका इलाज जारी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है। ठंड में अलाव और अन्य खुले स्थानों पर आग का उपयोग करते समय सुरक्षा के उपाय अपनाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे और लोगों को आग से सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से सुरक्षा मानकों का पालन करने और ठंड में अलाव जलाने के दौरान सतर्क रहने का अनुरोध किया है। जिला प्रशासन ने बताया कि इन घटनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और भविष्य में इसी तरह की हादसों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि ठंड के मौसम में अलाव या आग का उपयोग करते समय सावधानी बरतना कितना आवश्यक है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों ने जनता से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए खुले अलाव या कमरे में आग जलाने के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।