Bilaspur. बिलासपुर। शहर के प्रतिष्ठित इंटरसिटी होटल में आयोजित संजीवनी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अंतिम वर्ष के छात्रों के फेयरवेल कार्यक्रम का आयोजन उत्साह, भावनाओं और प्रेरणा के वातावरण में संपन्न हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद संस्थान के
प्राचार्य
और फैकल्टी सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आज आप सभी छात्र अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ से आगे एक नया अध्याय शुरू होगा। संजीवनी जैसे संस्थानों से निकले हुए युवा आज देश और दुनिया में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। मैं कामना करता हूँ कि आप सभी भी अपने ज्ञान और कौशल से समाज, राज्य और राष्ट्र को नई दिशा दें।”


वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “आपके पास अब तक मिली शिक्षा और अनुभवों की पूंजी है, जिसे आपको समाज के उत्थान में उपयोग करना है। आज का युग टेक्नोलॉजी और नवाचार का है, ऐसे में आप युवा शक्ति देश की रीढ़ हैं। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ से निकलने वाले छात्र विश्व पटल पर प्रदेश का नाम रोशन करें।” फेयरवेल समारोह में छात्रों की आंखों में जहां अपने संस्थान से बिछड़ने की नमी थी, वहीं भविष्य को लेकर उत्साह भी साफ नजर आया। कई छात्रों ने मंच पर आकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षकों, साथियों और संस्थान को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उन्हें एक बेहतर इंसान और प्रोफेशनल बनने में मदद की। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य और गीतों ने कार्यक्रम को मनोरंजन से भर दिया। साथ ही ‘बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ सहित कई अन्य पुरस्कार भी छात्रों को प्रदान किए गए। कुछ छात्रों ने अपनी स्टार्टअप योजनाएं भी मंच से साझा कीं, जिन्हें मंत्रियों ने सराहते हुए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

संस्थान का उद्देश्य – गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व
संजीवनी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने अपने स्थापना काल से ही विद्यार्थियों को न केवल तकनीकी शिक्षा देने बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने का भी लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन ने कहा कि “हमारा उद्देश्य छात्रों को सिर्फ रोजगार योग्य बनाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक बनाने की दिशा में अग्रसर करना है।” कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा तैयार की गई एक डॉक्युमेंट्री फिल्म से हुआ जिसमें उनकी संस्थान से जुड़ी यादें और विकास यात्रा को दिखाया गया। अंत में, संस्थान के निदेशक एवं अध्यापकगणों ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों और छात्रों को धन्यवाद दिया। फेयरवेल कार्यक्रम ने छात्रों के मन में एक नई ऊर्जा और दिशा का संचार किया। यह आयोजन उनके जीवन की महत्वपूर्ण यादों में हमेशा संजोया जाएगा।
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