Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पत्रकारों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल एक बार फिर उठ खड़े हुए हैं। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में अजय महापात्र पिता जुगल किशोर महापात्र, जो ‘गरम मसाला 420’ नामक इंस्टाग्राम आईडी से ब्लॉगर भी है, ने हाल ही में शराब के नशे में धुत होकर एक युवा पत्रकार के साथ सरेआम गाली-गलौज करते हुए उसे अपनी नीली रंग की स्विफ्ट डिज़ायर कार (क्रमांक MP 18 CA 0965) से कुचलने का प्रयास किया।
घटना के बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अजय महापात्र को वीआईपी चौक से घेराबंदी कर हिरासत में लिया और थाने लाया गया। लेकिन इसके बाद पुलिस पर राजनीतिक और सामाजिक रसूखदारों द्वारा दबाव बनाकर थाने में जबरन समझौता कराया गया। हैरानी की बात ये रही कि ठीक अगले ही दिन, संचालक अजय महापात्र ने फिर से नशे की हालत में पीड़ित पत्रकार को फोन कर जान से मारने की धमकी दे डाली। इससे आहत होकर पत्रकार ने थाने में दर्ज कराए गए पूर्व समझौते को रद्द कराया और थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल आरोपी का मोबाइल ट्रेस कर दोबारा उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ये कोई पहली बार नहीं है जब अजय महापात्र कानून के घेरे में आया हो।
इससे पहले भी वह एक विवादित घटना में गिरफ्तार हो चुका है, जब एक क्लब में एक युवती को लेकर हुए विवाद में वह बुरी तरह नशे में धुत था। जब क्लब संचालक ने उसे बाहर निकाल दिया, तब JNR कैटरर्स के संचालक अजय महापात्र ने नेशनल हाईवे पर आकर खुलेआम सड़क पर लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। इस विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, और युवती को लेकर हुई बहस ने हिंसक रूप ले लिया था। इस मामले में भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिससे उसकी दबंगई और आपराधिक प्रवृत्ति एक बार फिर सामने आई थी। इन लगातार सामने आती घटनाओं से स्पष्ट है कि JNR कैटरर्स के संचालक अजय महापात्र एक आदतन झगड़ालू, हिंसक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो नशे, पैसे और रसूख के नशे में कानून को भी चुनौती देता है। पत्रकारों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर इसका सीधा खतरा बना हुआ है।