कलेक्टर ने जिला अस्पताल में लापरवाही पर सिविल सर्जन और कंसल्टेंट को किया नोटिस जारी

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Update: 2025-10-24 17:30 GMT
Mungeli. मुंगेली। जिला प्रशासन ने मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल में काम में लापरवाही बरतने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर कुंदन कुमार ने सिविल सर्जन और हास्पिटल कंसल्टेंट को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर जिला चिकित्सालय में इलाज, अस्पताल की व्यवस्थाओं और चिकित्सकीय सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं, चिकित्सकीय कर्मचारियों की तैनाती और उनके जिम्मेदारी निभाने के तरीकों की समीक्षा की।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर चिकित्सकीय कार्य में लापरवाही और उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों के कॉल का जवाब न देना, चिकित्सकीय व्यवस्था दुरूस्त न रखना और मरीजों के इलाज में अनदेखी करना गंभीर मुद्दा है। इसके चलते सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एमके राय और हास्पिटल कंसल्टेंट सुरभि केशरवानी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि अस्पताल में काम करने वाले चिकित्सक और कर्मचारी समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—गांव, गरीब और आमजन—के लिए जिम्मेदार हैं। लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर दूर-दूर से अस्पताल आते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनदेखी मरीजों के हित के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल में मरीजों को समय पर और गुणवत्ता वाली सेवाएं मिलें। अस्पताल की व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और मरीजों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। कर्मचारियों को प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में सुधार करने पर जोर दिया गया। सिविल सर्जन और हास्पिटल कंसल्टेंट को नोटिस के माध्यम से कारण बताने के लिए कहा गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि यदि अस्पताल में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो इसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बैठक में यह भी कहा कि जिला अस्पताल केवल एक चिकित्सा केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण और गरीब जनता के लिए जीवन रक्षक स्थल है। इसके चलते अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस कदम से जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि मरीजों के हित और अस्पताल की प्रभावी सेवाओं के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जिला अस्पताल में सुधार और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए लगातार निगरानी जारी रहेगी।
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