Dongargarh. डोंगरगढ़। जबलपुर से रायपुर चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन का नाम अब बदलकर मूकमाटी एक्सप्रेस कर दिया गया है। यह ऐतिहासिक नामकरण जैन संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज द्वारा लिखित प्रसिद्ध ग्रंथ मूकमाटी के नाम पर किया गया है। अब ट्रेन के डिब्बों पर भी स्पष्ट रूप से “मूकमाटी एक्सप्रेस” लिखा होगा। मूकमाटी एक्सप्रेस 17 जनवरी को पहली बार इस नए नाम से जबलपुर से रवाना होगी और रायपुर पहुंचेगी। ट्रेन डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुबह 11:30 बजे पहुंचेगी, जहां जैन समाज के लोग और स्थानीय नागरिक इसे स्वागत करने के लिए उपस्थित रहेंगे।
डोंगरगढ़ और आचार्य विद्यासागर महाराज के बीच विशेष जुड़ाव रहा है। आचार्य विद्यासागर महाराज ने अपने जीवन के अंतिम दिन डोंगरगढ़ के चंद्रगिरि जैन तीर्थ में बिताए। यहीं उन्होंने जैन धर्म की परंपरा के अनुसार सल्लेखना साधना पूरी कर देह त्याग दी। इसी कारण चंद्रगिरि तीर्थ आज जैन समाज के लिए अत्यंत पवित्र स्थल बन गया है और यह स्थान संत विद्यासागर महाराज की स्मृति और जैन धर्म की श्रद्धा का केंद्र है।
दिगंबर जैन चंद्रगिरि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष सेठ सिंघई किशोर जैन ने बताया कि मूकमाटी एक्सप्रेस का नामकरण विशेष रूप से आचार्य विद्यासागर महाराज को सम्मान देने के लिए किया गया है। उन्होंने सभी समाज के लोगों से अपील की कि वे रेलवे स्टेशन पहुंचकर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनें। उनका कहना था कि यह न केवल संत विद्यासागर महाराज के योगदान की याद दिलाता है, बल्कि डोंगरगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी और मजबूत करेगा।
मूकमाटी ग्रंथ जैन धर्म की महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक है, जिसे आचार्य विद्यासागर महाराज ने लिखा और यह ग्रंथ आज भी जैन अनुयायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ट्रेन का नामकरण इस ग्रंथ और संत की स्मृति को आम जनता तक पहुँचाने का एक प्रयास है। रेलवे प्रशासन और जैन समाज ने मिलकर मूकमाटी एक्सप्रेस के आगमन के लिए विशेष तैयारियां की हैं। रेलवे स्टेशन पर स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें फूलों की सजावट और जैन धर्म से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल होंगे। यह आयोजन डोंगरगढ़ शहर के लिए गर्व का पल माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मूकमाटी एक्सप्रेस का डोंगरगढ़ में स्वागत न केवल धार्मिक श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि शहर की धार्मिक पर्यटन और पहचान को भी बढ़ावा देगा। ट्रेन का नामकरण संत विद्यासागर महाराज के योगदान को याद रखने और आने वाली पीढ़ियों तक उनकी शिक्षाओं को पहुंचाने का भी माध्यम बनेगा। इस अवसर पर डोंगरगढ़ के नागरिक, जैन समाज के अनुयायी और क्षेत्रीय श्रद्धालु रेलवे स्टेशन पर उपस्थित रहकर मूकमाटी एक्सप्रेस का स्वागत करेंगे और आचार्य विद्यासागर महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह दिन डोंगरगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण साबित होगा।