Bilaspur. बिलासपुर। शहर के कंपनी गार्डन (विवेकानंद उद्यान) में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में 25 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में कई लोगों के चेहरे, कान और शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन आ गई है। घटना के बाद उद्यान की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग गार्डन में सैर, पूजा और अन्य गतिविधियों के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और आसपास मौजूद लोगों पर टूट पड़ीं। देखते ही देखते गार्डन में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग गोल बाजार और संतोष भवन की ओर भागते नजर आए। इस दौरान कुछ लोग गिर भी पड़े, जिससे उन्हें अतिरिक्त चोटें आईं। घटना में घायल होने वालों में नरेश घेलानी, रामकुमार डोडवानी, अशोक टेकचंदानी, श्रीचंद नेहलानी सहित कई लोग शामिल हैं, जो सरकंडा, सिंधी कॉलोनी और मसानगंज क्षेत्र से गार्डन पहुंचे थे। सभी घायलों का इलाज सिम्स अस्पताल में किया जा रहा है।
घटना के पीछे अलग-अलग कारण सामने आ रहे हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि किसी असामाजिक तत्व द्वारा पेड़ों पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते से छेड़छाड़ की गई, जिससे वे भड़क गईं और हमला कर दिया। वहीं, अमर कुमार रूपानी ने बताया कि गार्डन में तेज आवाज में गाना बजाया जा रहा था, जिससे मधुमक्खियां उत्तेजित हो गईं। दूसरी ओर, उद्यान प्रभारी श्रीकांत नायर ने बताया कि पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाने के कारण उठे धुएं से मधुमक्खियां आक्रामक हुईं। उन्होंने कहा कि चौकीदारों ने पहले ही लोगों को वहां दीपक जलाने से मना किया था, लेकिन इसके बावजूद ऐसा किया गया। उद्यान प्रबंधन ने यह भी स्वीकार किया कि गार्डन में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने के लिए नगर निगम के पास कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। पहले भी इस समस्या के समाधान के लिए बाहरी लोगों को बुलाया गया था, लेकिन प्रयास सफल नहीं हो पाए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। नागरिकों ने गार्डन में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नियमित निरीक्षण और संभावित खतरों को समय रहते दूर करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।