भिलाई नगर: भिलाई इस्पात संयंत्र में सामने आए कथित लोहा चोरी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग अब केंद्र सरकार के स्तर तक पहुंच गई है। वैशाली नगर के भाजपा विधायक रिकेश सेन द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 20 जुलाई को भेजे गए पत्र के जवाब में गृह मंत्री कार्यालय की ओर से 10 अगस्त को पत्र जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि विधायक का पत्र प्राप्त हुआ और उसका विषय इस्पात मंत्रालय से संबंधित होने के कारण उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालय को अग्रेषित कर दिया गया है।
मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से 11 अगस्त को जारी पत्र में विधायक रिकेश सेन के 20 जुलाई के पत्र का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि उनके माध्यम से प्राप्त पत्र को भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के सचिव तथा गृह मंत्रालय के गृह सचिव को उचित ध्यानार्थ अग्रेषित कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच का दायरा लगातार बढ़ा है। जानकारी के मुताबिक बीएसपी के भीतर तक जांच पहुंची और संयंत्र के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हुई। इनमें जीएम हिमांशु भूषण मलिक और असिस्टेंट मैनेजर मनोज कुमार देवांगन के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार अगस्त तक मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 17 तक पहुंच गई थी।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आई। 28 जुलाई को संयंत्र की सुरक्षा में तैनात सात सीआईएसएफ जवानों के निलंबन की जानकारी सामने आई। विभागीय जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की बात सामने आने की चर्चा है।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन लंबे समय से बीएसपी में कथित लोहा चोरी के मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रपति सचिवालय तक पत्र भेजकर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग रखी है।
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