छेरीखेड़ी शराब दुकान में गोवा ब्रांड की बोतल से निकला कीड़ा, वीडियो वायरल

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Update: 2025-06-22 19:01 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के छेरीखेड़ी स्थित एक सरकारी शराब दुकान में उस समय हड़कंप मच गया जब एक ग्राहक ने गोवा ब्रांड की देशी शराब की बोतल में कीड़ा तैरता हुआ देखा। यह घटना न केवल वहां मौजूद लोगों को चौंका गई, बल्कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे आम लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक ने छेरीखेड़ी शराब दुकान से गोवा ब्रांड की देशी शराब की बोतल खरीदी थी। लेकिन जब उसने बोतल को ध्यान से देखा, तो उसके अंदर एक
कीड़ा
तैरता हुआ नजर आया। इस दृश्य से नाराज होकर युवक ने जब दुकान में बोतल वापस करनी चाही, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने न केवल बोतल बदलने से मना कर दिया बल्कि उसके साथ बदसलूकी भी की। ग्राहक का आरोप है कि यह लापरवाही शराब की पैकिंग में गड़बड़ी या मिलावट के चलते हुई है। वहीं इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि जब शराब की बोतल में सील लगी होती है और उसे पूरी तरह बंद कर बेचा जाता है, तो फिर उसमें कीड़ा कैसे पहुंचा?
ठेका कर्मचारियों पर सवाल
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में सरकारी शराब दुकानों का संचालन बीआईएस (BIS) ठेका कंपनी के जरिए किया जा रहा है, जहां निजी कर्मचारी शराब बेचने का काम करते हैं। ऐसे में गुणवत्ता नियंत्रण और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिलावटी शराब और निगरानी पर मांग
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब राजधानी में हाल ही में बिना होलोग्राम और मिलावटी शराब के बड़े जखीरे की बरामदगी हुई थी। अब एक सरकारी दुकान से कीड़े वाली शराब मिलने की घटना ने सरकार की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। उपभोक्ताओं में भारी रोष है और लोग संबंधित अधिकारियों से शराब दुकानों पर सख्त निगरानी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा
कीड़े जैसी अशुद्ध चीज का शराब की बोतल में पाया जाना न केवल गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, बल्कि इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की लापरवाही से जहरीली शराब जैसी घटनाएं भी जन्म ले सकती हैं। अब यह देखना होगा कि आबकारी विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी कर्मचारियों व सप्लायरों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। इस घटना ने प्रदेश में शराब आपूर्ति और गुणवत्ता पर पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता को और अधिक रेखांकित कर दिया है। शराब उपभोक्ताओं, समाजसेवी संगठनों और विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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