दण्डकारण्य में 25 माओवादियों का आत्मसमर्पण, CM साय ने बताया ऐतिहासिक क्षण

छग

Update: 2026-03-31 13:45 GMT
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दण्डकारण्य क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण बताया है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत 25 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। मुख्यमंत्री के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में 12 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल मिलाकर 1.47 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। यह कदम सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है, जिसमें लगातार संवाद और पुनर्वास योजनाओं पर काम किया गया।


बताया गया है कि इस कार्रवाई के दौरान माओवादी तंत्र को कमजोर करते हुए 93 घातक हथियार भी बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही करीब 14.06 करोड़ रुपए की सामग्री और संसाधनों की जब्ती की गई है। इस बड़ी बरामदगी को उग्रवादी नेटवर्क पर एक महत्वपूर्ण असर के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि विश्वास की वापसी का संकेत है। उन्होंने इसे बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक नई शुरुआत बताया। सरकार का कहना है कि जो लोग मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें पुनर्वास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को समाज में फिर से स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास और सुरक्षा की व्यवस्था भी शामिल है। दण्डकारण्य और बस्तर क्षेत्र लंबे समय से उग्रवाद की समस्या से प्रभावित रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा स्थिति में सुधार का संकेत माना जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके।
Tags:    

Similar News