Bihar बिहार: सरकार ने राज्य में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) निदेशालय की स्थापना की है। इस संबंध में उद्योग मंत्री दिलीप जैसवाल ने कहा कि उद्योग विभाग का उद्देश्य केवल भारी उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य हर घर में उद्योग स्थापित करना और हर हाथ को रोजगार उपलब्ध कराना है। मंत्री जैसवाल ने कहा, "यही कारण है कि परसों कैबिनेट में हमने एक अलग निदेशालय बनाने का निर्णय लिया, जिसे कल मंजूरी दी गई और इसे MSME नाम दिया गया। यह निदेशालय छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए काम करेगा।"
उन्होंने आगे बताया कि इस निदेशालय के माध्यम से राज्य के युवा उद्यमियों और स्वरोजगार चाहने वालों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी बल्कि लोगों की आय में वृद्धि और गरीबी कम करने में भी मदद मिलेगी। मंत्री जैसवाल ने कहा कि MSME निदेशालय का उद्देश्य घरेलू उद्योगों को मजबूत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमें बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे स्तर पर भी उद्योगों को बढ़ावा देना है। जब हर घर में उद्योग होंगे और हर हाथ को रोजगार मिलेगा, तभी हम राज्य और देश के आर्थिक विकास में नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।"
इस मौके पर उन्होंने बिहार सरकार की नीतियों का भी उल्लेख किया, जिसमें नए उद्यमियों के लिए अनुदान, टैक्स में राहत, तकनीकी सहायता और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का MSME निदेशालय लोगों को स्वरोजगार और लघु उद्योग के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए कई नई पहल करेगा। उद्योग मंत्री ने यह भी बताया कि निदेशालय ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों के विकास के लिए विशेष योजनाएं लागू करेगा। इससे राज्य के छोटे कारीगर, हस्तशिल्पकार, खाद्य प्रसंस्करण और घरेलू उद्योगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि MSME निदेशालय के प्रयासों से बिहार में रोजगार सृजन की दिशा में एक नई क्रांति शुरू होगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने, स्वरोजगार बढ़ाने और स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस नई पहल का लाभ उठाएं और अपने व्यवसायिक विचारों को साकार करें। इस प्रकार, बिहार सरकार का MSME निदेशालय राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होने की पूरी संभावना रखता है। यह निदेशालय छोटे और मध्यम उद्योगों के माध्यम से रोजगार सृजन, नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।