भागलपुर सेंट्रल जेल में आधी रात अचानक पहुंचे DM-SSP, मचा हड़कंप
आधी रात जेल में DM-SSP का औचक निरीक्षण
भागलपुर: बिहार के भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव अचानक आधी रात निरीक्षण के लिए पहुंच गए। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। बिना पूर्व सूचना के हुई इस कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन सतर्क हो गया और अलग-अलग वार्डों की गहन तलाशी शुरू की गई।
डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में टीम ने जेल के विभिन्न वार्डों, बैरकों और संवेदनशील स्थानों की जांच की। अधिकारियों ने कैदियों के रहने की व्यवस्था के साथ सुरक्षा इंतजामों का भी जायजा लिया। जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान, मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ या दूसरी आपत्तिजनक वस्तुओं की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। अचानक हुए निरीक्षण के कारण जेल के अंदर मौजूद बंदियों के बीच भी हलचल रही। अधिकारियों ने जेल के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था देखी और जेलकर्मियों से जरूरी जानकारी ली। इस दौरान बंदियों की संख्या, वार्डों की स्थिति, निगरानी व्यवस्था और जेल परिसर में लागू सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की गई।
जेल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंदर के महत्वपूर्ण हिस्सों तक सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि जेल में आने-जाने वाले लोगों और सामान की जांच किस तरह की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरक्षा संसाधनों की स्थिति की भी समीक्षा किए जाने की जानकारी है। इस तरह के औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना और प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक लगाना होता है। जेलों में मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के पहुंचने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अचानक जांच को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तलाशी अभियान के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि इस निरीक्षण में किसी बड़ी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी हुई या नहीं, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
डीएम अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने जेल की सुरक्षा से जुड़े कई बिंदुओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने जेल परिसर में अनुशासन बनाए रखने, बंदियों की गतिविधियों पर निगरानी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आधी रात को हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन में हलचल जरूर मची, लेकिन निरीक्षण के अंतिम निष्कर्ष और किसी संभावित बरामदगी की पुष्टि प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट से ही होगी। फिलहाल जेल में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर अधिकारियों ने सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।