भुवनेश्वर। ओडिशा प्रशासनिक सेवा (OAS) से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अधिकारियों के प्रमोशन के बाद राज्य सरकार ने नव नियुक्त IAS अधिकारियों को अलग-अलग विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की 3 सितंबर 2026 की अधिसूचना के बाद ओडिशा के 14 राज्य सिविल सेवा अधिकारियों को IAS कैडर में शामिल किया गया है। इसके बाद राज्य के सामान्य प्रशासन एवं लोक शिकायत विभाग ने 18 सितंबर को इन अधिकारियों की नई पदस्थापना को लेकर आदेश जारी किया।

इन अधिकारियों को 2025 की IAS चयन सूची के तहत ओडिशा कैडर आवंटित किया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद वर्ष 2025 में उत्पन्न रिक्तियों के आधार पर इन अधिकारियों का चयन किया था। नियुक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा भर्ती नियम, 1954 और IAS नियुक्ति संबंधी नियमों के तहत की गई है। सभी अधिकारी आगे के आदेश तक परिवीक्षा यानी प्रोबेशन पर रहेंगे।

सूर्य नारायण दाश को पंचायती राज विभाग में जिम्मेदारी

नई पदस्थापन सूची में सूर्य नारायण दाश का नाम प्रमुख है। वह पहले पंचायती राज एवं पेयजल विभाग में सरकार के विशेष सचिव के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें इसी विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। इससे विभाग में ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था और पेयजल से जुड़े प्रशासनिक कामकाज में उनकी जिम्मेदारी बढ़ेगी।

इसी विभाग में सौदामिनी सेठी को भी विशेष सचिव से संयुक्त सचिव बनाया गया है। वह पहले से पंचायती राज एवं पेयजल विभाग में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत थीं। उनके अनुभव को देखते हुए नई जिम्मेदारी भी इसी विभाग में दी गई है।

सुभ्रा मोहंती को भी पंचायती राज एवं पेयजल विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। वह भी पहले इसी विभाग में विशेष सचिव के रूप में काम कर रही थीं। इस तरह नव पदोन्नत IAS अधिकारियों में तीन को एक ही विभाग में नई जिम्मेदारी मिली है।

वन और पर्यावरण विभाग में भी बदलाव

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में ज्योतिर्मयी प्रधान और बबीता मोहंती को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अधिकारी इससे पहले इसी विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं।

ओडिशा में वन संरक्षण, पर्यावरण प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों को देखते हुए इस विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। नई पदस्थापन व्यवस्था के तहत दोनों अधिकारियों को विभाग के प्रशासनिक कामकाज में अधिक जिम्मेदारी दी गई है।

श्रम विभाग में मधुमिता नायक की जिम्मेदारी बढ़ी

मधुमिता नायक को श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा यानी Labour & ESI विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वह पहले इसी विभाग में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत थीं। नई जिम्मेदारी के साथ वह भुवनेश्वर में कर्मचारी राज्य बीमा योजना की निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालती रहेंगी।

श्रम एवं ESI विभाग में कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़े प्रशासनिक विषयों के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संचालन शामिल है। ऐसे में विभाग में उनकी नई जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होगी।

योजना और उद्योग विभाग में भी नई पोस्टिंग

अनुज कुमार दास पटनायक को योजना एवं समन्वय विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले इसी विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे।

ज्योतिरंजन मिश्रा को उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। वह भी इससे पहले विशेष सचिव के रूप में विभागीय जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

हिमांशु शेखर बेहरा को गृह विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। गृह विभाग राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को देखता है।

ग्रामीण विकास विभाग में संघमित्रा सतपथी को संयुक्त सचिव बनाया गया है। इस विभाग की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से जुड़ी है।

कुछ अधिकारियों को मौजूदा पद पर ही रखा गया

सरकार ने सभी नव पदोन्नत अधिकारियों का पद नहीं बदला है। कुछ अधिकारियों को IAS कैडर में शामिल किए जाने के बावजूद उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों पर ही बने रहने की अनुमति दी गई है।

सुमिता सरकार को कटक में सेटलमेंट एंड कंसोलिडेशन की अतिरिक्त आयुक्त के पद पर बने रहने की अनुमति दी गई है। इसी तरह बालमकुंद भुइयां को ओडिशा के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के पद पर जारी रखा गया है।

सुरेंद्र कुमार पांडा को भुवनेश्वर स्थित IDCO में Chief General Manager (MS&ME) के मौजूदा पद पर बने रहने की अनुमति दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन विभागों में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना है जहां अधिकारी पहले से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

उपलब्ध पदस्थापन आदेश में कुछ अधिकारियों के मौजूदा पदों पर बने रहने का भी उल्लेख है। हालांकि विभिन्न रिपोर्टों में कुछ पदनामों और जिम्मेदारियों के विवरण में अंतर दिखाई देता है, इसलिए अंतिम रूप से संबंधित सरकारी आदेश को ही आधार माना जाना चाहिए।

3 सितंबर की अधिसूचना के बाद हुआ बदलाव

इन अधिकारियों को IAS कैडर में शामिल किए जाने की प्रक्रिया 3 सितंबर 2026 को केंद्र सरकार के DoPT की अधिसूचना के साथ पूरी हुई। आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक कुल 14 अधिकारियों को 2025 की चयन सूची के तहत IAS कैडर में नियुक्त किया गया। इन सभी को ओडिशा कैडर आवंटित किया गया है।

IAS में प्रमोशन राज्य सिविल सेवा के अनुभवी अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव होता है। OAS अधिकारी राज्य प्रशासन में लंबे समय तक काम करने के बाद निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के माध्यम से IAS कैडर में शामिल होते हैं।

इस बैच में सूर्य नारायण दाश, सुमिता सरकार, बालमकुंद भुइयां, सौदामिनी सेठी, मधुमिता नायक, ज्योतिर्मयी प्रधान, बबीता मोहंती, अनुज कुमार दास पटनायक, ज्योतिरंजन मिश्रा, सुरेंद्र कुमार पांडा, सुभ्रा मोहंती, संघमित्रा सतपथी और हिमांशु शेखर बेहरा समेत 14 अधिकारी शामिल हैं। उपलब्ध आधिकारिक सूची में मधुमिता नायक का नाम दो अलग प्रविष्टियों में दिखाई देता है, इसलिए नामों की गणना करते समय सरकारी अधिसूचना को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

प्रशासनिक जिम्मेदारियों का विस्तार

नव नियुक्त IAS अधिकारियों की पदस्थापना राज्य प्रशासन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में की गई है। पंचायती राज, पेयजल, वन एवं पर्यावरण, श्रम, उद्योग, योजना, गृह और ग्रामीण विकास जैसे विभागों में उन्हें जिम्मेदारियां मिली हैं।

इन विभागों का सीधा संबंध राज्य में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण सेवाओं, पर्यावरण प्रबंधन, उद्योगों को बढ़ावा देने और प्रशासनिक व्यवस्था से है। इसलिए नई पदस्थापन सूची को राज्य प्रशासन में अनुभवी अधिकारियों की जिम्मेदारियों के पुनर्गठन के तौर पर देखा जा सकता है।

विशेष रूप से पंचायती राज और ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों में कई अधिकारियों की नई नियुक्ति हुई है। ओडिशा में बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और इन विभागों के जरिए स्थानीय निकायों तथा ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यक्रम लागू किए जाते हैं।

वन एवं पर्यावरण विभाग में भी दो अधिकारियों को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य के बड़े वन क्षेत्र और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए यह विभाग प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

उद्योग विभाग में ज्योतिरंजन मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब ओडिशा सरकार निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलों पर काम कर रही है। वहीं योजना एवं समन्वय विभाग में अनुज कुमार दास पटनायक की नई जिम्मेदारी राज्य की विकास योजनाओं और विभागों के बीच समन्वय से जुड़े कामकाज से संबंधित होगी।

आगे की प्रशासनिक भूमिका

14 OAS अधिकारियों के IAS कैडर में शामिल होने के बाद अब उन्हें उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। हालांकि उनकी नियुक्तियों से जुड़ी वास्तविक जिम्मेदारियां संबंधित विभागों के आदेश, कार्य आवंटन और आगे जारी होने वाले प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार स्पष्ट होंगी।

राज्य सरकार ने कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों पर बनाए रखकर प्रशासनिक निरंतरता का विकल्प भी चुना है। इससे उन विभागों और संस्थानों में अचानक बदलाव से बचने की कोशिश दिखाई देती है जहां अधिकारी पहले से महत्वपूर्ण परियोजनाओं और जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं।

कुल मिलाकर, 3 सितंबर की केंद्रीय अधिसूचना के बाद ओडिशा प्रशासन में 14 अधिकारियों का OAS से IAS कैडर में प्रवेश हुआ है। इसके बाद 18 सितंबर को राज्य सरकार ने इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए प्रशासनिक ढांचे में अगला बदलाव किया। अब इन अधिकारियों की नई भूमिका राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज में दिखाई देगी।

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