भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कटक के पास नराज में 'ओडिशा सिलिकॉन वैली' विकसित करने की योजना की घोषणा की, ताकि राज्य में बड़े सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT प्रोजेक्ट्स को लाया जा सके।
माझी ने नई दिल्ली में 'सेमीकॉन इंडिया-2026' में यह घोषणा की। इस दौरान राज्य को लगभग 23,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव भी मिले, जिनसे 6,100 नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट नराज में 870 एकड़ ज़मीन पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "ओडिशा तेज़ी से पूर्वी भारत की सिलिकॉन वैली बनने की नींव रख रहा है। यह जगह रणनीतिक रूप से बहुत अच्छी है। यहाँ से कटक-भुवनेश्वर अर्बन कॉरिडोर तक आसान कनेक्टिविटी है, पारादीप और धामरा बंदरगाहों तक मल्टीमॉडल पहुँच है और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ाव है। यह इसे सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और संबंधित उद्योगों के लिए एक संभावित हब बनाता है।"
माझी ने ग्लोबल और घरेलू सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी कंपनियों, इंडस्ट्री बॉडीज़ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई बैठकें कीं। इनमें जापान, स्वीडन और ताइवान के प्रतिनिधिमंडल और लैम रिसर्च, एप्लाइड मैटेरियल्स, SiCSem, 3D ग्लास सॉल्यूशंस, साइएंट, लिंडे और होरिबा इंडिया जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।
राज्य सरकार ने सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) सब्सट्रेट वेफर्स बनाने की सुविधा के लिए क्वाडक्वांटम (QuadQuantum) के साथ एक 'लेटर ऑफ़ इंटेंट' (इरादे का पत्र) पर भी हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा का सेमीकंडक्टर सफ़र तेज़ी से इरादे से अमल की ओर बढ़ रहा है।