हाजीपुर: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) को आज नया महाप्रबंधक (GM) मिल गया है। भारतीय रेल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डिंपी गर्ग ने पूर्व मध्य रेलवे की कमान संभाल ली है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति की गई थी और उन्होंने 1 सितंबर 2026 से पदभार ग्रहण किया। डिंपी गर्ग भारतीय रेलवे सेवा मैकेनिकल इंजीनियर्स (IRSME) के 1990 बैच के अधिकारी हैं। इससे पहले वह उत्तर रेलवे में प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (PCME) के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें देश के महत्वपूर्ण रेल जोनों में शामिल पूर्व मध्य रेलवे की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ECR के सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां
पूर्व मध्य रेलवे देश के सबसे व्यस्त रेल जोनों में शामिल है। यह क्षेत्र बिहार, झारखंड और आसपास के इलाकों में यात्री और माल ढुलाई दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है डिंपी गर्ग के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में रेल सुरक्षा, समय पर ट्रेनों का संचालन, यात्री सुविधाओं में सुधार और बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल रहेगा।
माल ढुलाई बढ़ाना बड़ी जिम्मेदारी
पूर्व मध्य रेलवे कोयला
समेत भारी माल परिवहन के लिए अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में फ्रेट कॉरिडोर, मालगाड़ियों की गति बढ़ाने और रेलवे की आय बढ़ाने पर भी नए महाप्रबंधक का फोकस रहेगा। इसके अलावा बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए स्टेशन विकास, साफ-सफाई और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होगी।
सुरक्षा और आधुनिकीकरण पर जोर
रेलवे में सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है। ट्रैक रखरखाव, दुर्घटना रोकने के उपाय और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देना नए GM के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। डिंपी गर्ग के लंबे प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पूर्व मध्य रेलवे में संचालन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
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