Bihar : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होंगे पार्क और सड़कें

Update: 2026-07-06 05:14 GMT

Bihar बिहार: बिहार सरकार ने दिवंगत केंद्रीय मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा करते हुए कहा है कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में किसी प्रमुख पार्क या सड़क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा या उनके नाम पर नए निर्माण किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके राष्ट्रनिर्माण में दिए गए योगदान को सम्मान देने और उनकी स्मृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं को उनके विचारों और कार्यों से परिचित कराने में मदद मिलेगी।

सरकारी योजना के अनुसार, प्रत्येक जिला मुख्यालय में चयनित किसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल—जैसे प्रमुख पार्क, सड़क, चौराहा या अन्य सार्वजनिक स्थान—का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर नए निर्माण भी उनके नाम से किए जा सकते हैं।

राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल नामकरण नहीं, बल्कि इतिहास के उन महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों को सम्मान देना भी है, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डॉ. मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक के रूप में भी जाना जाता है और उन्होंने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सरकारी बयान में कहा गया है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की राजनीतिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अहम योगदान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए कई निर्णयों और आंदोलनों का नेतृत्व किया, जिसका प्रभाव भारतीय राजनीति पर लंबे समय तक देखा गया।

राज्य सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब विभिन्न राज्यों में ऐतिहासिक और राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के सम्मान में सार्वजनिक स्थलों के नामकरण की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। बिहार सरकार का कहना है कि इस तरह की पहल से लोगों में ऐतिहासिक जागरूकता बढ़ेगी और युवा पीढ़ी अपने देश के नेताओं और उनके योगदान को बेहतर तरीके से समझ सकेगी।

प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को लागू करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाने की संभावना है। जिला स्तर पर प्रस्ताव तैयार कर उन स्थानों की पहचान की जाएगी जहां नामकरण या नए निर्माण किए जा सकते हैं।

सरकार का यह भी कहना है कि यह निर्णय न केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे लोगों में राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरणा बढ़ेगी।

फिलहाल राज्य सरकार इस प्रस्ताव को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रही है और जल्द ही इस पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।

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