Yoga Tips: बच्चों को कौन सा योगासन करना चाहिए

Update: 2025-12-20 01:24 GMT
Yoga Tips: योग बच्चों के शारीरिक विकास, मानसिक स्पष्टता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने का सरल इलाज है। यहां कुछ योगासन दिए जा रहे हैं जो लंबाई, लचीलापन, फोकस और मेमोरी पर वास्तविक असर डालते हैं। नीचे दो योग बताए जा रहे हैं वे, पांच से 15 वर्ष के बच्चों के लिए उपयुक्त हैं। इसका अभ्यास खाली पेट या हल्का नाश्ता करके, किसी बड़े की निगरानी में करना चाहिए।
ताड़ासन:
यह आसन लंबाई बढ़ाने और पोश्चर सुधारने के लिए लाभकारी है। यह सबसे सरल और सबसे असरदार आसन है। इसके अभ्यास के लिए पैरों को साथ रखें, हाथ ऊपर उठाकर पंजों पर खड़े हों और गहरी सांस लें। ताड़ासन का अभ्यास रीढ़ की हड्डी को खींचता है। ग्रोथ प्लेट्स पर सकारात्मक असर डालता है और इससे शरीर का संतुलन सुधरता है। हर दिन 20 से 30 सेकेंड के तीन सेट करें।
भुजंगासन:
अगर रीढ़ मज़बूत और फेफड़े खुले रखना चाहते हैं तो भुजंगासन का अभ्यास करना चाहिए। यह आसन मोबाइल चलाने से जो शरीर में झुकाव आ जाता है, उसका प्राकृतिक इलाज है। इसके अभ्यास से रीढ़ लचीली रहती है। आॅक्सीजन सप्लाई बेहतर होता है और आत्मविश्वास में वृद्धि आती है। भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों के सहारे छाती को उठाएं। इस प्रक्रिया को 15-20 सेकंड तक दो से तीन बार दोहराएं।
वृक्षासन:
इस आसन का अभ्यास फोकस और संतुलन बनाने में असरदार है। अभ्यास के लिए एक पैर दूसरे जांघ पर रखकर हाथ नमस्कार की मुद्रा में करनी होती है। इससे एकाग्रता बढ़ती है। न्यूरो-मसल कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है और बेचैनी कम होती है। इसका अभ्यास प्रतिदिन 20 सेकंड प्रति पैर से करें।
यह आसन बच्चों के लिए सरल लेकिन कई लाभ वाला है। बालासन का अभ्यास परीक्षा, होमवर्क और स्क्रीन सबका भार उतारता है। इससे मानसिक शांति मिलती है, बेहतर नींद आती है और भावनात्मक संतुलन बना रहता है। अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर आगे झुकें और माथा ज़मीन पर रखें। 30–60 सेकंड इस मुद्रा में बने रहें।
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