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सुबह जनता से रिश्ता ने किया था बड़ा खुलासा
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जाने-माने बिल्डर और कारोबारी राकेश सरावगी के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई जय कॉर्प लिमिटेड से जुड़े 2,434 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। ED ने देशभर में 30 से अधिक ठिकानों पर एक साथ रेड मारी, जिसमें रायपुर के कचना क्षेत्र स्थित आनंदम वर्ल्ड सिटी में सरावगी के कार्यालय भी शामिल थे। सुबह ED के रेड़ छापेमारी की जानकारी जनता से रिश्ता ने सबसे पहले प्रकाशित की थी। जिसके बाद कई बड़े कारोबारियों के नामों के खुलासे होते गए। अभी तक किसी भी कारोबारी को ED ने गिरफ्तार नहीं किया है और इस मामलें में किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टिं भी नहीं की है।
कार्रवाई का विवरण
सूत्रों के मुताबिक, ED की टीम दो वाहनों में मौके पर पहुंची थी। टीम में करीब पांच अधिकारी और पांच सुरक्षाकर्मी शामिल थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से आनंदम सिटी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और दस्तावेजों, फाइलों तथा डिजिटल डेटा की गहन जांच शुरू कर दी। राकेश सरावगी का कार्यालय आनंदम सिटी के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के तीसरे माले में स्थित है। इसी परिसर से उनकी रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी फर्म “गोल्डन ब्रिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर” का संचालन किया जाता है। ईडी की टीम ने कार्यालय में सभी व्यावसायिक दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा को जब्त कर जांच में लिया।
जांच का मकसद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जय कॉर्प लिमिटेड से जुड़े वित्तीय गड़बड़ियों और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के संदिग्ध मामलों की जांच के तहत की गई है। हालांकि ED ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया कि कार्रवाई किस विशेष केस से संबंधित है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण और गहन जांच के बाद ही जांच की पूरी दिशा स्पष्ट होगी। सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही थी। टीम कारोबारी गतिविधियों, निवेश, लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी जुटा रही थी। यह कार्रवाई रायपुर के व्यापारिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
व्यापार और राजनीतिक हलकों में हलचल
रायपुर में हाल के दिनों में ED की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। यह छापेमारी व्यापारिक और रियल एस्टेट समुदाय में चर्चा का विषय बन गई। राजनैतिक हलकों में भी इसे लेकर अटकलें तेज हैं। विश्लेषकों का कहना है कि जय कॉर्प से जुड़े वित्तीय गड़बड़ी मामलों में अगर बड़ी जानकारी सामने आती है तो इससे आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर कई प्रभाव पड़ सकते हैं
अधिकारियों का कहना
ईडी अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और कोई गिरफ्तारी फिलहाल नहीं हुई है। भविष्य में जांच के आधार पर और भी खुलासे हो सकते हैं। साथ ही कार्यालय में पाए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद ही कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।
अन्य शहरों में parallel कार्रवाई
देशभर में 30 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इससे संकेत मिलता है कि मामला काफी बड़ा और जटिल है। विभिन्न राज्यों में ED की टीम द्वारा parallel जांच की जा रही है ताकि जय कॉर्प से जुड़े सभी संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों का पता लगाया जा सके। कचना क्षेत्र और आनंदम सिटी के आसपास के लोग ED की कार्रवाई से चकित हैं। व्यापारिक गतिविधियों में अचानक हुई इस कार्रवाई ने कार्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मचा दी। कई कर्मचारियों और स्थानीय व्यापारियों ने सोशल मीडिया और न्यूज पोर्टल्स पर इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
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