monsoon में दरवाजे की आवाज करेगी परेशान नहीं, घर की चीजों से मिलेगा समाधान

Update: 2026-07-13 15:43 GMT

Lifestyle लाइफ स्टाइल :  बारिश का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं घर से जुड़ी कई छोटी-छोटी परेशानियां भी बढ़ा देता है। मानसून में नमी बढ़ने के कारण घर के दरवाजों से आने वाली चर्र-चर्र की आवाज एक आम समस्या बन जाती है। कई बार सुबह के समय या रात में दरवाजा खोलते ही इतनी तेज आवाज आती है कि घर के दूसरे लोग भी परेशान हो जाते हैं।

दरवाजों से आने वाली इस आवाज के लिए अक्सर लोग बढ़ई को बुलाने या महंगे लुब्रिकेंट खरीदने के बारे में सोचते हैं, लेकिन कई बार घर में मौजूद सामान्य चीजों से ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। रसोई में रखी कुछ चीजें दरवाजे के कब्जों को चिकना बनाने और आवाज कम करने में मदद कर सकती हैं।

बारिश में क्यों आने लगती है दरवाजे से आवाज?

मानसून के दौरान हवा में नमी की मात्रा बढ़ जाती है। यही नमी दरवाजे के लोहे वाले कब्जों में जंग लगने का कारण बनती है। इसके अलावा धूल, मिट्टी और गंदगी भी कब्जों के अंदर जमा हो जाती है। जब दरवाजा खोला या बंद किया जाता है तो कब्जों और धातु के हिस्सों के बीच घर्षण बढ़ जाता है, जिससे चर्र-चर्र की तेज आवाज आने लगती है।

कई बार लंबे समय तक दरवाजे की देखभाल न करने से भी यह समस्या बढ़ जाती है। समय-समय पर कब्जों की सफाई और उनमें चिकनाई बनाए रखना जरूरी होता है।

सरसों का तेल करेगा काम आसान

अगर घर में कोई विशेष लुब्रिकेंट उपलब्ध नहीं है तो सरसों का तेल इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। इसके लिए सबसे पहले रुई या किसी कपड़े की मदद से दरवाजे के कब्जों पर थोड़ा-सा सरसों का तेल लगाएं।

तेल लगाने के बाद कुछ मिनट तक इंतजार करें ताकि तेल अंदर तक पहुंच जाए। इसके बाद दरवाजे को कुछ बार खोलकर और बंद करके देखें। कब्जों की रगड़ कम होने से आवाज काफी हद तक कम हो सकती है।

हालांकि ध्यान रखें कि तेल ज्यादा मात्रा में न लगाएं, क्योंकि अधिक तेल धूल को आकर्षित कर सकता है और बाद में समस्या बढ़ सकती है।

नारियल तेल भी है असरदार

नारियल तेल भी दरवाजे के कब्जों को चिकना बनाने का एक आसान घरेलू उपाय है। इसमें मौजूद चिकनाई धातु के हिस्सों के बीच घर्षण को कम करती है। कब्जों पर नारियल तेल की हल्की परत लगाना काफी होता है।

तेल लगाने के बाद दरवाजे को कुछ बार चलाएं ताकि तेल अच्छे से फैल जाए। इससे दरवाजा आसानी से खुलने और बंद होने लगेगा।

सफाई करना भी जरूरी

सिर्फ तेल लगाना ही काफी नहीं है। समय-समय पर कब्जों की सफाई करना भी जरूरी होता है। अगर कब्जों में ज्यादा धूल या जंग जमा है तो पहले उसे कपड़े या ब्रश से साफ करें, फिर तेल या किसी चिकनाई वाली चीज का इस्तेमाल करें।

इसके अलावा बारिश के मौसम में दरवाजों को ज्यादा नमी से बचाने की कोशिश करें। लकड़ी के दरवाजों में पानी जमा होने से फूलने की समस्या भी हो सकती है, जिससे दरवाजा सही तरीके से बंद नहीं होता।

कब लें विशेषज्ञ की मदद?

अगर तेल लगाने और सफाई करने के बाद भी दरवाजे की आवाज खत्म नहीं होती या दरवाजा अटकने लगता है, तो संभव है कि कब्जों में ज्यादा जंग लग चुकी हो या दरवाजे की फिटिंग में समस्या हो। ऐसी स्थिति में बढ़ई की मदद लेना बेहतर रहता है।

मानसून में थोड़ी सी देखभाल और घर में मौजूद आसान चीजों के इस्तेमाल से दरवाजों की चर्र-चर्र आवाज को कम किया जा सकता है और घर का माहौल शांत और आरामदायक बनाया जा सकता है।

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