Yoga Tips: गर्दन के दर्द से राहत दिलाएंगे ये तीन योगासन, जानें अभ्यास का सही तरीका

Update: 2025-03-13 05:06 GMT
Yoga Tips:  कंप्यूटर या मोबाइल का उपयोग करते समय लंबे समय तक गर्दन झुकाकर बैठना। इसके अलावा तनाव और चिंता भी गर्दन दर्द के कारण है। मांसपेशियों में तनाव, कोई चोट, या हर्नियेटेड डिस्क और आंतरिक बीमारियों के कारण भी गर्दन में दर्द हो सकता है।
इसका सही समय पर कारगर इलाज न किए जाने पर माइग्रेन की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा गर्दन का दर्द कंधों और बाहों के दर्द में परिवर्तित हो सकता है। साथ ही मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। दर्द के कारण नींद पूरी न होना, चक्कर आना और दैनिक गतिविधियों में रुकावट होना सामान्य समस्याएं हैं।
गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास फायदेमंद है। यह जड़ से गर्दन के दर्द को मिटा सकता है। इस लेख में शरीर दर्द खासकर गर्दन के दर्द से छुटकारा दिलाने वाले योगासनों के बारे में बताया जा रहा है।
भुजंगासन
यह आसन गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी को खींचता है और उनमें तनाव को कम करता है।
इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेटकर कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर उठाएं। अब धीरे धीरे सांस भरते हुए छाती को ऊपर की ओर उठाएं। पेट वाले हिस्से को धीरे धीरे ऊपर उठाते हुए 30-60 सेकेंड इसी स्थिति में रहें।
बालासन
यह आसन गर्दन और कंधों को आराम देता है और मानसिक तनाव को भी कम करता है।
मैट पर घुटनों के बल बैठकर शरीर का सारा भार एड़ियों पर डालें। अब गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। सीना जांघों से छूने का प्रयास करें। माथे से फर्श को छूने की कोशिश करते हुए कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें। यह प्रक्रिया 3-5 बार दोहराएं।
यह आसन गर्दन और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है और मांसपेशियों के तनाव को कम करता है।
मार्जरी आसन करने के लिए घुटनों के बल बैठकर पीठ को झुकाएं और हथेलियां जमीन पर रखें। पीठ ऊपर की तरफ उठी होनी चाहिए और सिर नीचे झुका हुआ हो।
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