Women's Day: किशोरियों को अवश्य करना चाहिए इन योगासनों का अभ्यास

Update: 2025-03-08 01:28 GMT
Women's Day: महिला दिवस मनाने के लिए स्वास्थ्य के प्रति उन्हें जागरूक करें। महिलाएं एक आदर्श और स्वस्थ जीवन अपना सकें, इसके लिए किशोरावस्था में उन्हें कुछ योगासनों को अपने जीवन में शामिल कर लेना चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ ही शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है। 13 से 19 वर्ष की आयु किशोरावस्था की होती है। किशोरावस्था में शरीर और दिमाग दोनों में बदलाव होते हैं। योग केवल शारीरिक विकास में ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। ऐसे में किशोरावस्था में योग को दिनचर्या में शामिल करके बेहतर ग्रोथ अपनाई जा सकती है। किशोरियों के लिए इस अवस्था में योग काफी लाभदायक साबित हो सकता है। 13 से 21 वर्ष की किशोरियों व युवतियों को रोजाना कम से कम 20 -30 मिनट योग करना चाहिए।
ताड़ासन -
ताड़ासन के अभ्यास से शरीर की लंबाई बढ़ सकती है। शरीर में संतुलन और स्थिरता प्रदान करने के लिए ये योग असरदार है। इस आसन का अभ्यास रक्त संचार को बेहतर बनाता है। ताड़ासन के अभ्यास के लिए सीधे खड़े होकर, होनों हाथ ऊपर उठाएं और शरीर को पूरी तरह से तानें।
भुजंगासन-
पीठ और रीढ़ को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र को बेहतर करने और मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन को कम करने के लिए भुजंगासन का अभ्यास फायदेमंद होता है। इस आसन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर दोनों हाथों को कंधों के पास रखें और सिर व छाती को ऊपर उठाएं।
बालासन -
घुटनों के बल बैठकर आगे झुकें और माथा जमीन पर टिकाते हुए बालासन का अभ्यास करें। इस आसन के अभ्यास से मानसिक तनाव और चिंता कम होती है। पीठ दर्द से राहत मिलती है और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
वृक्षासन-
किशोरियों के लिए वृक्षासन का अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन के अभ्यास से संतुलन और एकाग्रता बढ़ती है। पैरों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर में लचीलापन आता है। वृक्षासन के अभ्यास के लिए एक पैर पर खड़े होकर दूसरा पैर जांघ पर रखें और दोनों हाथ नमस्कार मुद्रा में जोड़ें।
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