दर्द कहीं भी हो एक ही पेनकिलर लेना सही नहीं जानें कब और कैसे लें दर्द की दवा
हर दर्द में एक ही पेनकिलर लेना पड़ सकता है भारी जानें दवा लेने का सही नियम
सिरदर्द हो, कमर दर्द, दांत में दर्द या शरीर के किसी हिस्से में खिंचाव—कई लोग तुरंत वही पेनकिलर ले लेते हैं जो उन्हें पहले कभी आराम दे चुकी होती है। लेकिन हर दर्द के लिए एक ही दर्दनिवारक दवा लेना सही तरीका नहीं है। दर्द की वजह, व्यक्ति की उम्र, दूसरी बीमारियां और पहले से चल रही दवाओं के आधार पर पेनकिलर का चुनाव अलग हो सकता है।
बिना सलाह बार-बार या जरूरत से ज्यादा पेनकिलर लेने की आदत कुछ मामलों में गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
हर दर्द के लिए एक दवा क्यों नहीं?
दर्द अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में किसी समस्या का संकेत हो सकता है। सिरदर्द के पीछे तनाव, माइग्रेन, नींद की कमी या दूसरी वजह हो सकती है, जबकि पेट दर्द, सीने में दर्द या अचानक बहुत तेज दर्द किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
इसलिए सिर्फ दर्द दबाने के बजाय दर्द की वजह समझना जरूरी है।
पेनकिलर लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
दवा लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह आपके लिए सुरक्षित है या नहीं। खासकर अगर आपको पहले से कोई बीमारी है या आप नियमित रूप से दूसरी दवाएं लेते हैं, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।
कुछ दर्दनिवारक दवाएं पेट में जलन या रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकती हैं, जबकि कुछ दवाओं की अधिक मात्रा लिवर या किडनी पर नुकसान डाल सकती है।
एक साथ कई पेनकिलर न लें
कई लोग अलग-अलग ब्रांड की दवाएं लेते हैं और यह नहीं देखते कि उनमें एक ही सक्रिय दवा मौजूद है। इससे अनजाने में एक ही दवा की कुल मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है।
इसलिए दवा खरीदते समय केवल ब्रांड नाम नहीं, बल्कि उसके active ingredients भी देखें। एक ही घटक वाली कई दवाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के साथ लेने से बचें।
खाली पेट दवा लेना भी पड़ सकता है भारी
कुछ दर्दनिवारक दवाएं पेट की परत को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए उनके इस्तेमाल के तरीके को लेकर पैकेट पर दिए निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
यह मान लेना सही नहीं है कि हर पेनकिलर खाली पेट या खाना खाने के बाद ही लेना चाहिए। दवा के प्रकार के अनुसार निर्देश अलग हो सकते हैं।
किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से लिवर, किडनी, पेट या हृदय से जुड़ी समस्या वाले लोगों को पेनकिलर लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
अगर आप ब्लड थिनर या दूसरी नियमित दवाएं लेते हैं, तो किसी नई दर्दनिवारक दवा को अपने आप शुरू करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछना जरूरी है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर दर्द अचानक बहुत तेज हो, लगातार बढ़ रहा हो या बार-बार लौट रहा हो, तो सिर्फ पेनकिलर खाकर उसे दबाते रहना सही नहीं है।
सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी, गंभीर चोट के बाद दर्द या तेज बुखार के साथ गंभीर दर्द जैसे लक्षणों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
पेनकिलर का सही नियम क्या है?
पेनकिलर को जरूरत के अनुसार और निर्धारित मात्रा में ही लेना चाहिए। दवा की खुराक और कितने समय तक लेनी है, यह दवा के प्रकार और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि किसी पुराने दर्द के लिए बची हुई दवा को हर नए दर्द में इस्तेमाल न करें। दर्द बार-बार हो रहा है तो उसके कारण की जांच कराना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।