नई दिल्ली। एलोवेरा एक ऐसा पौधा है जिसे कम देखभाल में भी आसानी से उगाया जा सकता है। घर की बालकनी, छत या गमले में लगाए गए एलोवेरा का इस्तेमाल त्वचा और बालों से जुड़ी कई जरूरतों के लिए किया जाता है। लेकिन कई बार सही देखभाल नहीं मिलने के कारण एलोवेरा की पत्तियां पतली, छोटी या कम गूदेदार रह जाती हैं।अगर आपके एलोवेरा के पौधे में भी मोटी और रसदार पत्तियां नहीं आ रही हैं तो कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इसकी ग्रोथ बेहतर की जा सकती है। हालांकि, पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी, धूप, पानी और खाद का संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी होता है।
एलोवेरा में गूदेदार पत्तियां क्यों नहीं आतीं?
एलोवेरा एक रसीला पौधा (Succulent Plant) है, जो अपनी पत्तियों में पानी जमा करके रखता है। अगर पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी, खराब मिट्टी या पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती तो इसकी पत्तियां कमजोर और पतली हो सकती हैं।कई बार गमले में लंबे समय तक एक ही मिट्टी रहने से उसमें पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे पौधे की बढ़त प्रभावित होती है।
डालें जैविक खाद का हल्का घोल
एलोवेरा की ग्रोथ बढ़ाने के लिए आप जैविक खाद का हल्का घोल इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक गिलास पानी में वर्मी कंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद की थोड़ी मात्रा मिलाकर पौधे की मिट्टी में डाल सकते हैं।यह घोल मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है और पौधे की नई पत्तियों के विकास में सहायक हो सकता है।ध्यान रखें कि खाद का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें, क्योंकि ज्यादा खाद एलोवेरा की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
मिट्टी का सही होना जरूरी
एलोवेरा के लिए ऐसी मिट्टी अच्छी रहती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। ज्यादा पानी रोकने वाली मिट्टी में एलोवेरा की जड़ें खराब हो सकती हैं।गमले में मिट्टी तैयार करते समय सामान्य मिट्टी के साथ रेत या परलाइट और जैविक खाद मिलाई जा सकती है। इससे मिट्टी हल्की रहती है और जड़ों को हवा मिलती है।
ज्यादा पानी देने से बचें
एलोवेरा को कम पानी की जरूरत होती है। कई लोग रोजाना पानी डालने की गलती करते हैं, जिससे पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं।मिट्टी पूरी तरह सूखी महसूस होने के बाद ही पानी देना बेहतर होता है। गर्मियों में पानी की जरूरत मौसम और जगह के अनुसार बदल सकती है।
पर्याप्त धूप भी जरूरी
एलोवेरा को अच्छी ग्रोथ के लिए रोशनी की जरूरत होती है। इसे ऐसी जगह रखें जहां सुबह की हल्की धूप मिल सके।बहुत तेज दोपहर की धूप में लंबे समय तक रखने से कुछ पौधों की पत्तियां खराब हो सकती हैं, इसलिए जगह का चुनाव ध्यान से करें।
गमले का आकार भी डालता है असर
अगर एलोवेरा लंबे समय से छोटे गमले में लगा है तो उसकी जड़ों को फैलने की जगह नहीं मिल पाती। इससे पौधे की ग्रोथ रुक सकती है।समय-समय पर पौधे को बड़े गमले में लगाने से उसकी जड़ों को पर्याप्त जगह मिलती है और नई पत्तियां निकलने में मदद मिल सकती है।
पत्तियां तोड़ने का सही तरीका
एलोवेरा की मोटी और बाहरी पत्तियों को ही जरूरत के अनुसार काटना चाहिए। बीच की नई पत्तियों को बार-बार नुकसान पहुंचाने से पौधे की बढ़त धीमी हो सकती है।पत्तियां काटते समय साफ चाकू या कैंची का इस्तेमाल करें ताकि पौधे में संक्रमण का खतरा कम रहे।
इन गलतियों से बचें
* एलोवेरा में रोज पानी न डालें।
* गमले में पानी जमा न होने दें।
* ज्यादा रासायनिक खाद का इस्तेमाल न करें।
* खराब या सड़ी हुई पत्तियों को समय पर हटा दें।
* पौधे को पूरी तरह अंधेरे स्थान पर न रखें।
Tags: