गुड़ चायपत्ती और कॉफी से बनाएं मेहंदी मिनटों में हाथों पर छा जाएगा लाल रंग
नई दिल्ली : सावन का महीना शुरू होते ही तीज-त्योहारों की रौनक भी बढ़ जाती है। हरियाली तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन और अन्य पर्वों पर महिलाएं सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व मानती हैं। इन श्रृंगारों में मेहंदी का अपना अलग स्थान है। हाथों में सजी गहरी रंगत वाली मेहंदी शुभता, सौभाग्य और उत्सव का प्रतीक मानी जाती है। हालांकि आजकल बाजार में मिलने वाली रेडीमेड मेहंदी कोन में कई तरह के रसायनों का इस्तेमाल होने की आशंका रहती है। कई बार इनसे त्वचा पर एलर्जी, खुजली या जलन जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं। इसके अलावा सामान्य मेहंदी का रंग चढ़ने में कई घंटे लग जाते हैं।
ऐसे में यदि आप त्योहार के दिन कम समय में सुंदर लाल रंग चाहती हैं तो घर पर तैयार की जाने वाली गुड़ वाली मेहंदी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह पूरी तरह घरेलू सामग्री से तैयार होती है और इसे लगाने के बाद लंबे समय तक हाथों में लगाए रखने की जरूरत भी नहीं पड़ती। इसका रंग जल्दी उभरता है और हाथों पर आकर्षक लाल आभा दिखाई देती है।
गुड़ वाली मेहंदी बनाने के लिए किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं होती। इसे तैयार करने के लिए थोड़ा सा गुड़, एक चम्मच चीनी, चायपत्ती, कॉफी पाउडर तथा रंग को और निखारने के लिए थोड़ा सा सिंदूर या लाल फूड कलर लिया जाता है। ये सभी चीजें लगभग हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाती हैं।
इसे बनाने के लिए सबसे पहले मोटे तले वाले बर्तन में थोड़ा सा गुड़, चीनी, चायपत्ती और कॉफी पाउडर डालकर गैस पर रखें। गुड़ को पहले छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें ताकि वह जल्दी पिघल जाए। इसके बाद बर्तन के बीच में एक छोटी स्टील की कटोरी रखें। ध्यान रहे कि कटोरी के नीचे मिश्रण न हो, बल्कि चारों ओर फैला रहे। अब बर्तन को किसी गहरी थाली या ढक्कन से अच्छी तरह ढक दें और ढक्कन के ऊपर थोड़ा पानी भर दें। इससे भाप अंदर ही बनी रहती है और मिश्रण धीरे-धीरे पकता है।
लो या मीडियम आंच पर कुछ देर पकाने के बाद गुड़ और चीनी से भाप बनती है, जो कटोरी में तरल रूप में इकट्ठा होने लगती है। यही तरल गुड़ वाली मेहंदी का मुख्य आधार होता है। इसमें थोड़ा सा सिंदूर या लाल फूड कलर मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। इसके बाद यह मिश्रण उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।
इस मेहंदी को लगाने का तरीका भी सामान्य मेहंदी जैसा ही है। अपनी पसंद का डिजाइन बनाकर इसे हाथों पर लगाएं और हल्का सूखने के बाद धो लें। इसे घंटों तक लगाए रखने की आवश्यकता नहीं होती। कम समय में ही इसका रंग उभरने लगता है और हाथों पर सुंदर लाल रंग दिखाई देता है। यही कारण है कि जल्दी तैयार होने वाले त्योहारों या अचानक किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यह तरीका काफी लोकप्रिय हो रहा है।
हालांकि यह पारंपरिक हीना नहीं होती, इसलिए इसका रंग सामान्य मेहंदी जितने लंबे समय तक नहीं टिकता। आमतौर पर इसका प्रभाव एक से दो दिन तक बना रहता है। यदि बार-बार पानी का संपर्क होता है तो रंग जल्दी हल्का हो सकता है। फिर भी जिन लोगों को सिर्फ त्योहार या किसी विशेष अवसर के लिए तुरंत हाथ सजाने हों, उनके लिए यह आसान और सुविधाजनक उपाय माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की त्वचा संवेदनशील है तो किसी भी घरेलू या बाजार में मिलने वाले मिश्रण को लगाने से पहले हाथ के एक छोटे हिस्से पर परीक्षण जरूर कर लेना चाहिए। साथ ही केवल साफ और स्वच्छ सामग्री का ही उपयोग करना चाहिए ताकि त्वचा संबंधी किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सावन और तीज के अवसर पर यदि आप बिना केमिकल, कम समय और कम खर्च में खूबसूरत लाल रंग वाली मेहंदी चाहती हैं तो गुड़ वाली मेहंदी एक बेहतरीन घरेलू विकल्प साबित हो सकती है। यह न केवल आसानी से तैयार हो जाती है, बल्कि त्योहारों की रौनक में भी चार चांद लगा देती है।