लाइफ स्टाइल : भारतीय रसोई में लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल सदियों से होता आया है। आज के समय में जहां लोग नॉन-स्टिक और स्टील के बर्तनों को ज्यादा पसंद करते हैं, वहीं कई लोग अब फिर से लोहे के बर्तनों की ओर लौट रहे हैं। खासकर लोहे की कढ़ाई में बनी सब्जी, करी और तली हुई चीजों का स्वाद कई लोगों को ज्यादा बेहतर लगता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर लोहे की कढ़ाई में बना खाना इतना स्वादिष्ट क्यों लगता है?
इसके पीछे केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि कई वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं। लोहे की कढ़ाई में खाना पकाने से भोजन के स्वाद, रंग और पोषण में कुछ बदलाव आ सकते हैं, जो इसे खास बनाते हैं।
लोहे की कढ़ाई में स्वाद क्यों बढ़ जाता है?
लोहे की कढ़ाई गर्मी को अच्छी तरह पकड़कर रखती है। जब इसमें खाना पकाया जाता है तो गर्मी समान रूप से फैलती है, जिससे मसाले और सामग्री अच्छी तरह पकते हैं। धीमी और समान आंच पर पकने से खाने का स्वाद ज्यादा गहरा हो सकता है।
खासकर भारतीय व्यंजनों में जहां प्याज, टमाटर, मसाले और तेल का इस्तेमाल ज्यादा होता है, वहां लोहे की कढ़ाई में पकाने से स्वाद बेहतर महसूस हो सकता है।
मसालों का स्वाद होता है बेहतर
भारतीय खाना अपने मसालों के लिए जाना जाता है। लोहे की कढ़ाई में मसाले अच्छी तरह भुन जाते हैं और उनकी खुशबू खाने में अच्छे से घुल जाती है।
जब मसाले सही तापमान पर पकते हैं तो उनमें मौजूद प्राकृतिक तेल बाहर निकलते हैं, जिससे खाने का स्वाद और सुगंध बढ़ जाती है।
लोहे से मिल सकता है आयरन
लोहे के बर्तन में खाना पकाने का एक बड़ा फायदा यह भी माना जाता है कि इससे भोजन में थोड़ी मात्रा में आयरन शामिल हो सकता है। खासकर खट्टे या पानी वाली चीजों को लोहे के बर्तन में पकाने से आयरन की मात्रा बढ़ सकती है।
आयरन शरीर के लिए जरूरी खनिज है, जो खून में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। हालांकि भोजन में मिलने वाला आयरन कितना होगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे खाना पकाने का समय, सामग्री और बर्तन की स्थिति।
सब्जियों का रंग और स्वाद
कई पारंपरिक रसोइयों का मानना है कि लोहे की कढ़ाई में बनी कुछ सब्जियों का स्वाद और रंग अलग होता है। खासकर भिंडी, आलू की सब्जी, छोले और मसालेदार व्यंजन लोहे की कढ़ाई में अच्छे बनते हैं।
इसका कारण यह है कि लोहे की कढ़ाई में खाना धीरे-धीरे पकता है और सामग्री अपने प्राकृतिक स्वाद को बनाए रखती है।
लोहे की कढ़ाई क्यों है खास?
लोहे की कढ़ाई मजबूत होती है और लंबे समय तक चलती है। इसकी अच्छी देखभाल की जाए तो यह कई सालों तक इस्तेमाल की जा सकती है। इसके अलावा यह तेज आंच पर भी बेहतर तरीके से काम करती है।
नॉन-स्टिक बर्तनों की तरह इसमें कोटिंग खराब होने का डर नहीं होता, हालांकि इसे सही तरीके से इस्तेमाल और संभालना जरूरी होता है।
लोहे की कढ़ाई इस्तेमाल करते समय रखें ध्यान
लोहे की कढ़ाई को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह साफ और तैयार करना जरूरी होता है। इसे सूखा रखना चाहिए ताकि जंग न लगे।
खाना बनाने के बाद इसे तुरंत पानी में लंबे समय तक भिगोकर नहीं रखना चाहिए। साफ करने के बाद हल्का तेल लगाकर रखने से इसकी सतह सुरक्षित रहती है।
बहुत ज्यादा खट्टी चीजें जैसे लंबे समय तक टमाटर या इमली वाली ग्रेवी इसमें पकाने से स्वाद और रंग में बदलाव आ सकता है। इसलिए ऐसे व्यंजनों में सावधानी रखनी चाहिए।
क्या हर किसी के लिए लोहे की कढ़ाई सही है?
ज्यादातर लोगों के लिए लोहे की कढ़ाई में खाना बनाना सुरक्षित माना जाता है। हालांकि जिन लोगों को शरीर में आयरन की मात्रा अधिक होने की समस्या है, उन्हें अपने खानपान को लेकर विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
लोहे की कढ़ाई का उपयोग भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है और आज भी कई लोग इसके स्वाद और मजबूती के कारण इसे पसंद करते हैं।
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