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Yoga Tips: महिलाओं को सोने से पहले लेटकर करने चाहिए ये योगासन, वजन घटाने और प्रजनन क्षमता बढ़ाने में हैं कारगर'

Sarita
24 April 2025 12:52 PM IST
Yoga Tips: महिलाओं को सोने से पहले लेटकर करने चाहिए ये योगासन, वजन घटाने और प्रजनन क्षमता बढ़ाने में हैं कारगर
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Yoga Tips: योग वजन नियंत्रित रखने, शरीर को सुडोल और सेहतमंद बनाए रखने के साथ ही कई स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। योगाभ्यास से जल्दी गर्भधारण करने में भी मदद मिलती है। महिला स्वास्थ्य के लिए तो योग बेहद प्रभावी प्राकृतिक उपाय है, जो उन्हें कई बीमारियों और शारीरिक व मानसिक स्थिति से सुरक्षित रख सकता है। हालांकि कामकाजी महिला हो या गृहणी हों, अधिकतर महिलाओं के पास खुद की देखभाल का वक्त कम होता है। नौकरी और घर को संभालने के लिए बीच उनके लिए कुछ वक्त निकालकर योग करना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में कुछ योग रात में सोने से पहले किए जा सकते हैं। बिस्तर पर लेटकर इन योगासनों का अभ्यास आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ पांच से 10 मिनट का वक्त चाहिए। कुछ योगासन यहां बताए जा रहे हैं, जो वजन कम करने, पीठ व कमर के दर्द से राहत दिलाने और जल्दी गर्भ धारण करने में असरदार हैं। रात में सोने से पहले बिस्तर पर लेटकर इन योगासनों का अभ्यास करके शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम किया जा सकता है, प्रजनन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है और बेहतर नींद में भी मदद कर सकता है।
पवनमुक्तासन
महिलाओं के लिए पवनमुक्तासन का अभ्यास फायदेमंद होता है। पेट संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस और पाचन क्रिया में सुधार के साथ ही मासिक धर्म संबंधी विकारों को भी यह आसन दूर करता है। इसके अलावा पेट की चर्बी कम करने, रीढ़ की हड्डी मजबूत बनाने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार में भी असरदार है।
इसके अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और पैरों को छाती की ओर उठाएं। हाथों से घुटनों को पकड़कर सांस लेते हुए छाती की ओर खींचें। कुछ देर तक सांस रोकें फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पैरों को वापस लाएं। यह आसन 3-5 बार दोहराएं।
सुप्त बद्ध कोणासन
यह आसन प्रजनन अंगों, पाचन तंत्र और मन को शांत करने में मदद करता है। इसके अभ्यास से जांघ, कमर और घुटनों में खिंचाव आता है, थकान और तनाव कम होता है। सुप्त बद्ध कोणासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को एक साथ लाएं और घुटनों को बाहर फैलाएं। अब पैरों के तलवों को साथ लाकर उन्हें पकड़ लें। छाती और पीठ को धीरे से रिलैक्स करें। इस आसन को कुछ देर करें, फिर धीरे से वापस पुरानी स्थिति में आ जाएं।
अनंतासन का अभ्यास पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। घुटनों, टखनों और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इससे कूल्हों, रीढ़ और छाती की मांसपेशियों को अच्छा खिंचाव मिलता है। पाचन, ब्लड प्रेशर और पेट व कमर की चर्बी को कम करने में भी यह आसन फायदेमंद है।
इस आसन के अभ्यास के दाईं करवट लेकर लेट जाएं। अब दाएं हाथ को कोहनी से मोड़ते हुए सिर को सहारा दें। फिर बाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को पकड़कर पैरों को ऊपर की ओर सीधा करें। इस दौरान बायां पैर और बायां हाथ ऊपर की ओर सीधे रखें। इस अभ्यास को 15 से 30 मिनट तक करने का प्रयास करें। फिर करवट बदलकर दूसरी ओर से भी दोहराएं।
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