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Yoga Tips: पाचन में सुधार से लेकर वजन कम करने तक बहुत फायदेमंद है नौकासन

Sarita
14 May 2025 8:42 AM IST
Yoga Tips: पाचन में सुधार से लेकर वजन कम करने तक बहुत फायदेमंद है नौकासन
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Yoga Tips: लिवर, पेट संबंधी समस्याओं और कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए नौकासन योग का अभ्यास लाभकारी माना जाता है। पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने में भी नौकासन योग मदद करता है। पेट के अलावा पीठ और पैरों की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग करने और रक्त के संचार को ठीक रखने के लिए यह योग असरदार है। आइए जानते हैं नौकासन योग के स्वास्थ्य लाभ और इस आसन को करने का सही तरीका व सावधानियां।
नौकासन के स्वास्थ्य लाभ
नौकासन का नियमित अभ्यास पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
इस आसन के अभ्यास से पैर और बांह की मांसपेशियां टोन होती हैं।
शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बनाता है।
हर्निया से पीड़ित लोगों के लिए यह आसन लाभकारी है।
पाचन तंत्र में सुधार करता है।
फेफड़े, लीवर और पेनक्रियाज को मजबूत बनाने में नौकासन का अभ्यास कर सकते हैं।
पेट के चारों ओर ब्लड और ऑक्सीजन का संचार करता है।
यह आसन ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने और शुगर लेवल को बनाए रखने में मदद करता है।
वजन घटाने और पेट की जिद्दी चर्बी को घटाने में नौकासन फायदेमंद है।
नौकासन के अभ्यास का तरीका:
स्टेप 1- नौकासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को सीधा फैलाएं और साथ रखें।
स्टेप 2- दोनों हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखते हुए गहरी सांस लें।
स्टेप 3- अब सांस छोड़ते हुए छाती और पैरों को जमीन से ऊपर हवा में उठाएं।
स्टेप 4- अपनी बाहों को पैरों की ओर जितना संभव हो खींचे।
स्टेप 5- ध्यान रहें कि इस दौरान आंखें, उंगलियों और पैर की उंगलियां एक सीध में ही होनी चाहिए।
स्टेप 6- इस अवस्था के दौरान पेट की मांसपेशियों के सिकुड़न पर नाभि क्षेत्र में तनाव महसूस होगा।
स्टेप 7- अब इसी मुद्रा में रहते हुए आराम से गहरी सांस लेते रहें।
स्टेप 8- कुछ देर नौकासन की स्थिति में रहें, फिर पहली वाली सामान्य अवस्था में आ जाएं।
कुछ शारीरिक समस्याएं हैं, जिनमें नौकासन का अभ्यास करने से बचना चाहिए। अगर आप ब्लड प्रेशर, गंभीर सिरदर्द या माइग्रेन के पीड़ित हैं तो नौकासन का अभ्यास न करें। गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान नौकासन का अभ्यास न करने की सलाह दी जाती है। रीढ़ की हड्डी की कोई समस्या होने पर भी नौकासन के अभ्यास से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा अस्थमा और हृदय रोग होने पर इस मुद्रा से बचें। योग का अधिकतम लाभ पाने के लिए योग विशेषज्ञ से सलाह के बाद ही आसन करें।
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