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Yoga For High Blood Pressure: ये पांच योगासन दिलाएंगे हाई बीपी से हमेशा के लिए राहत

Sarita
11 Sept 2025 11:24 AM IST
Yoga For High Blood Pressure: ये पांच योगासन दिलाएंगे हाई बीपी से हमेशा के लिए राहत
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Yoga For High Blood Pressure: योग एक ऐसा वैज्ञानिक और प्राचीन उपाय है, जो न केवल आपके शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है। इस लेख से जानिए कि कैसे कुछ विशेष योगासन और प्राणायाम की मदद से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है और दवाओं पर निर्भरता कम की जा सकती है। योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण जीवनशैली है। यदि नियमित रूप से योगासन और प्राणायाम किए जाएं, तो उच्च रक्तचाप को स्थायी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। यह न केवल आपके शरीर को
स्वस्थ
बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और ऊर्जा भी प्रदान करता है।
उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए 5 प्रभावशाली योगासन:
शवासन:
यह सबसे सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली योगासन है। शरीर को पूरी तरह से रिलैक्स करता है। तनाव और धड़कन को सामान्य करता है। इस आसन के अभ्यास से मस्तिष्क शांत और तनाव व हल्के अवसाद से राहत पाने में मदद मिलती है। शवासन पूरे शरीर को आराम देता है। इस आसन से सिरदर्द, थकान और अनिद्रा की शिकायत को दूर किया जा सकता है। शवासन रक्तचाप कम करने में मदद करता है
वज्रासन:
वज्रासन का अभ्यास भोजन के बाद किया जा सकता है। यह आसन पाचन तंत्र के लिए सबसे बेहतर होता है। यह एसिडिटी और कब्ज में राहत दिलाता है, जिससे बीपी भी नियंत्रित रहता है और डायबिटीज में मददगार होता है। खाने के बाद 5 मिनट वज्रासन में बैठने से गैस, एसिडिटी और अपच से बचा जा सकता है।
सेतुबंधासन:
दिल और फेफड़ों को मजबूती देता है। नसों को शांत करता है और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करता है। इसके अभ्यास से कमर मजबूत होती है। सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए अपने घुटनों को मोड़कर और पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग करके अपनी पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों को जमीन पर दबाएं और अपने कूल्हों को छत की ओर उठाएं। 20-30 सेकंड तक इसी स्थिति में रुकें।
बालासन का अभ्यास मन को शांत करता है। तनाव से राहत देता है, जो उच्च BP का एक बड़ा कारण है। बालासन के अभ्यास के लिए वज्रासन में बैठकर सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे झुकाएं और माथा ज़मीन पर टिकाएं। फिर हाथ आगे की ओर फैलाएं या शरीर के पास रखें। कम से कम एक-दो मिनट इसी मुद्रा में रहें। बालासन के अभ्यास से पीठ और कमर की थकान दूर होती है। यह आसन मन को शांत करता है और चिंता को कम करता है।
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