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हेल्दी आदतों से रहें फिट और स्वस्थ

Ratna Netam
26 Jun 2026 10:06 PM IST
हेल्दी आदतों से रहें फिट और स्वस्थ
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Lifestyle लाइफ स्टाइल : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी हो गया है। सिर्फ पौष्टिक भोजन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से पकाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट कुकिंग की आदतों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे भोजन अधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक बन सके।

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा जानकारी में बताया कि खाना बनाते समय तेल की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अक्सर लोग बिना माप के तेल डाल देते हैं, जिससे भोजन में वसा की मात्रा बढ़ जाती है और यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि तेल का उपयोग हमेशा चम्मच से मापकर करना चाहिए, ताकि इसकी मात्रा नियंत्रित रहे। कम तेल में बना भोजन न केवल हृदय के लिए बेहतर होता है, बल्कि यह मोटापा, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के खतरे को भी कम करता है।

इसके साथ ही बार-बार तला हुआ भोजन खाने से बचने की सलाह दी गई है। समोसा, पकौड़े, चिप्स, पूड़ी जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ भले ही स्वादिष्ट लगते हों, लेकिन इनमें वसा और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। नियमित रूप से इनका सेवन करने से मोटापा, मधुमेह और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे भोजन का सेवन केवल कभी-कभार और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि दैनिक आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज को प्राथमिकता देनी चाहिए। ये खाद्य पदार्थ शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं और लंबे समय तक स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करते हैं। संतुलित आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।

स्मार्ट कुकिंग के तहत भोजन बनाने के तरीकों में बदलाव करने की भी सलाह दी गई है। खाद्य पदार्थों को तेल में तलने के बजाय भाप में पकाना, उबालना, भूनना या ग्रिल करना अधिक स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। भाप में पकी सब्जियों में विटामिन और खनिज अधिक मात्रा में सुरक्षित रहते हैं, जिससे शरीर को अधिक पोषण मिलता है। वहीं ग्रिल या रोस्ट किए गए भोजन में कम तेल का उपयोग होता है और स्वाद भी बना रहता है।

हल्का भूनकर या उबालकर तैयार किया गया भोजन पाचन के लिए भी बेहतर माना जाता है। यह पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता और शरीर में ऊर्जा का बेहतर उपयोग करता है। इसके अलावा ताजी सामग्री का उपयोग करना, भोजन को अधिक देर तक न पकाना और आवश्यकता से अधिक नमक तथा चीनी से बचना भी स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि घर का ताजा बना भोजन हमेशा बाहर के जंक फूड की तुलना में अधिक सुरक्षित और पौष्टिक होता है। बाहर का भोजन अक्सर अधिक तेल, नमक और अस्वास्थ्यकर सामग्री से भरपूर होता है, जो लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके स्मार्ट कुकिंग की आदत अपनाएं। इससे न केवल भोजन का स्वाद और गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ जीवन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इस प्रकार सही खानपान और सही पकाने की तकनीक अपनाकर हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और कई बीमारियों से बच सकते हैं।

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