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लाइफ स्टाइल
Patanjali Tips: पतंजलि द्वारा सुझाए गए ये 5 प्राणायाम तनाव से मुक्ति दिलाएंगे
Sarita
12 Aug 2025 7:05 AM IST

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Patanjali Tips : बाबा रामदेव ने पतंजलि के माध्यम से आयुर्वेद की प्राचीन पद्धतियों को घर-घर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। चाहे त्वचा संबंधी समस्याएँ हों या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ। आज आपको पतंजलि के ये उत्पाद हर जगह स्टोर्स और ऑनलाइन पोर्टल्स पर आसानी से मिल जाएँगे। बाबा रामदेव की योग शिक्षा और प्राकृतिक चीज़ों से बने उत्पादों से स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान ने कई लोगों के जीवन में बदलाव लाए हैं। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी काफ़ी प्रभावित होता है। योग इससे निपटने का एक बेहतरीन तरीका है और इसमें श्वास तकनीक को काफ़ी फ़ायदेमंद माना जाता है, इसलिए पतंजलि के संस्थापक बाबा रामदेव से कुछ ऐसे प्राणायाम के बारे में जानेंगे जो तनाव को दूर करके आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार होंगे।
अगर आप तनाव, चिंता के कारण मानसिक रूप से परेशान हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए श्वास तकनीक का सहारा ले सकते हैं। यह तनाव, चिंता के साथ-साथ नकारात्मक विचारों को भी कम करने में मददगार है। दरअसल, प्राणायाम के दौरान सांसों को एक नियमित लय में रखा जाता है, जिससे मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और मन को शांत करने में मदद मिलती है। आइए बाबा रामदेव द्वारा सुझाए गए 5 प्राणायामों पर एक नज़र डालते हैं।
अनुलोम-विलोम:
बाबा रामदेव के पतंजलि वेलनेस के अनुसार, अनुलोम-विलोम एक शक्तिशाली श्वास तकनीक (प्राणायाम) है। इसे करने से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। जिससे आपका मन शांत होता है। इसे करने के लिए आपको सुखासन में बैठना है और फिर अपने हाथ से एक नासिका छिद्र को बंद करके दूसरी नासिका छिद्र से साँस लेनी है। अब बंद नासिका छिद्र को खोलें और साँस छोड़ें, लेकिन इस दौरान उस नासिका छिद्र को भी बंद कर दें जिससे आपने साँस ली है।
भस्त्रिका प्राणायाम:
इस प्राणायाम में ध्यान मुद्रा में बैठकर खुद को शांत रखना और फिर धीरे-धीरे आराम से साँस छोड़ना और अंदर लेना शामिल है, जिससे आपके फेफड़े सक्रिय होते हैं और पूरे शरीर को ऊर्जा मिलती है, साथ ही आप मानसिक रूप से भी आराम महसूस करते हैं।
कपालभाति प्राणायाम:
पतंजलि वेलनेस के अनुसार, इस प्राणायाम को करते समय रेचक पर पूरा ध्यान देना चाहिए, लेकिन शुरुआत में इसे पूरक बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कपालभाति सक्रिय रूप से साँस लेने और छोड़ने पर आधारित है। यह प्राणायाम आपके हृदय और फेफड़ों को बेहतर बनाने के अलावा, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी कारगर है।
भ्रामरी प्राणायाम:
मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम सर्वोत्तम है। इसमें दोनों हाथों को आँखों पर रखकर 3 से 5 सेकंड तक लयबद्ध रूप से साँस लेनी चाहिए। इस दौरान ॐ का उच्चारण करें।
उज्जायी प्राणायाम के लाभ:
आप मन की शांति पाने, तनाव कम करने और नींद की आदतों में सुधार के लिए उज्जायी प्राणायाम कर सकते हैं। यह आपके पाचन और फेफड़ों को भी लाभ पहुँचाता है। इसे करने के लिए, ध्यान की मुद्रा में बैठें और गले को सिकोड़ते हुए दोनों नासिका छिद्रों से साँस लें। इस दौरान खर्राटों जैसी ध्वनि उत्पन्न होती है। इसमें दायाँ वाला बंद करना चाहिए और बायाँ वाला बाहर निकालना चाहिए।
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