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लाइफ स्टाइल
अच्छी नींद न होने से Helth पर गहरा असर, जानें कितनी नींद जरूरी
Harrison
23 Sept 2025 10:12 PM IST

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Lifestyle,लाइफस्टाइल : आधुनिक जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण कई लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नींद हमारे शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद न मिलने से दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में कमी और काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है। नींद हमारे शरीर को आराम और ऊर्जा देने के साथ-साथ दिमाग को भी तरोताजा करती है। डर्मेटोलॉजिस्ट और स्लीप एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नींद के दौरान शरीर हॉर्मोन का संतुलन बनाए रखता है, मस्तिष्क में याददाश्त मजबूत होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है। लेकिन कई लोग शिकायत करते हैं कि वे रात में सोते हैं, फिर भी सुबह उठने पर थकान महसूस होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण **नींद की गुणवत्ता का खराब होना और अपर्याप्त नींद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नींद की आदत उम्र के अनुसार बदलती रहती है। नवजात शिशुओं को लगभग 14–17 घंटे, 1–2 साल के बच्चों को 11–14 घंटे और किशोरों को 8–10 घंटे की नींद लेना जरूरी है। वयस्कों और बुजुर्गों को रोजाना 7–9 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है। नींद पूरी न होने के कई कारण हो सकते हैं। तनाव, गलत दिनचर्या, मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल सोने से पहले, कैफीन का अधिक सेवन और नींद संबंधी बीमारियां जैसे अनिंद्रा (Insomnia) प्रमुख कारण हैं। स्लीप एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सोने से कम से कम एक घंटे पहले स्क्रीन का इस्तेमाल बंद कर दें और कमरे को अंधेरा और शांत रखें।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नियमित दिनचर्या बनाए रखना जरूरी है। रोजाना एक ही समय पर सोना और जागना, हल्का और संतुलित भोजन करना, और दिन में पर्याप्त फिजिकल एक्टिविटी करना नींद की गुणवत्ता बढ़ा सकता है। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति लगातार नींद पूरी न होने की समस्या महसूस कर रहा है, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। नींद की कमी से शरीर में ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लगातार नींद न मिलने से तनाव बढ़ता है, मूड खराब रहता है और लंबे समय में हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापा जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए नींद को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और इसे स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर उचित ध्यान देना चाहिए।
अंत में, विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी नींद लेना न केवल दिनभर ताजगी बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि यह शरीर और मस्तिष्क दोनों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। नींद की कमी को हल्के में लेना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
मुख्य बिंदु:
* पर्याप्त नींद न मिलने से थकान, चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी होती है।
* उम्र के अनुसार नींद का समय अलग होता है।
* सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल बंद करना और कमरे को शांत रखना जरूरी।
* नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और फिजिकल एक्टिविटी नींद सुधारते हैं।
* नींद की कमी लंबे समय में हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ा सकती है।
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