वर्ल्ड | बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने 'दर-ए-बोलन' अभियान को आधिकारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। संगठन ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना उनकी हार को छिपाने के लिए झूठे दावे कर रही है।

 बीएलए का अभियान और उसकी समाप्ति

बीएलए ने बलूचिस्तान के बोलन इलाके में यह अभियान चलाया था, जिसमें संगठन के लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। अब बीएलए ने कहा है कि अभियान अपने उद्देश्यों को पूरा कर चुका है और इसे समाप्त कर दिया गया है।

🇵🇰 पाकिस्तानी सेना के दावे पर बीएलए का पलटवार

पाक सेना ने दावा किया था कि उसने बलूच विद्रोहियों को भारी नुकसान पहुंचाया और अभियान को विफल कर दिया। बीएलए ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सेना जनता को गुमराह करने के लिए झूठी कहानियां बना रही है।

 क्यों चलाया गया था यह अभियान?

बीएलए ने कहा कि ‘दर-ए-बोलन’ अभियान बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की बढ़ती दखलअंदाजी और स्थानीय लोगों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ था। इस अभियान के तहत बीएलए ने कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए।

 क्या खत्म हो गया संघर्ष?

विश्लेषकों का मानना है कि अभियान खत्म होने का मतलब यह नहीं कि बीएलए अपने हमले रोक देगा। बलूच अलगाववादी गुट लंबे समय से स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं और आने वाले दिनों में भी यह संघर्ष जारी रह सकता है।

 आगे क्या?

बलूचिस्तान में बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान सरकार और सेना के लिए यह चुनौती बनी रहेगी। बीएलए का यह बयान बताता है कि विद्रोही गुट अपनी रणनीति बदल सकते हैं, लेकिन संघर्ष का अंत फिलहाल संभव नहीं दिख रहा।



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