क्यूबा से समझौते की उम्मीद, ट्रंप बोले- सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी
Washington. वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और क्यूबा के बीच समझौता हो जाएगा और इसके लिए सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की। ट्रंप ने अमेरिका और क्यूबा के बीच समझौते की संभावना जताते हुए कहा कि दोनों देश किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि क्यूबा और हम एक समझौता करेंगे। मुझे नहीं लगता कि हमें सेना की जरूरत पड़ेगी।”
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब क्यूबा को लेकर वॉशिंगटन की नीति और दोनों देशों के संबंधों पर लगातार चर्चा हो रही है। ट्रंप की ताजा टिप्पणी में सैन्य विकल्प के बजाय समझौते की संभावना पर जोर दिया गया है। हालांकि उन्होंने संभावित समझौते की शर्तों या उसकी समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी। ट्रंप इससे पहले भी क्यूबा के साथ समझौते की संभावना जता चुके हैं। मई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि क्यूबा के साथ कूटनीतिक समझौता संभव है। मार्च में भी उन्होंने कहा था कि क्यूबा समझौता चाहता है और दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं।
हालांकि अमेरिका और क्यूबा के बीच मौजूदा संबंधों की पृष्ठभूमि तनावपूर्ण रही है। हाल के महीनों में ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा को लेकर सख्त रुख भी दिखाया है। 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए संबोधन में ट्रंप ने क्यूबा की सरकार की तीखी आलोचना की थी और उस पर अमेरिकी दबाव का उल्लेख किया था।
अब ट्रंप की नई टिप्पणी में सैन्य हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ने की उम्मीद जताई गई है। उनका कहना है कि अमेरिका और क्यूबा के बीच समझौता हो सकता है। फिलहाल इस संभावित समझौते का स्वरूप क्या होगा और किन मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ट्रंप का बयान मुख्य रूप से इस संभावना की ओर इशारा करता है कि क्यूबा को लेकर अमेरिका की आगे की कार्रवाई बातचीत और समझौते के रास्ते आगे बढ़ सकती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।