नई दिल्ली। भारतीय राजनयिक वीणा सीकरी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाए जाने की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान के रुख को “अस्वीकार्य” और “हास्यास्पद” बताते हुए भारत के फैसलों का बचाव किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर और सिंधु नदी प्रणाली का मुद्दा उठाया था।ANI से बातचीत में वीणा सीकरी ने पाकिस्तान पर घरेलू स्तर पर कुप्रबंधन और आतंकवाद को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पैदा होने वाली चुनौतियों की जड़ में पाकिस्तान की नीतियां हैं। सीकरी ने पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत से जुड़े मुद्दे उठाने पर सवाल खड़े किए।
सिंधु जल संधि को लेकर सीकरी ने भारत के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने संधि को रोकने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “पहलगाम हमले के बाद, भारत ने सिंधु जल संधि को स्पष्ट रूप से रोक दिया है। अब रिपोर्टिंग की कोई आवश्यकता नहीं है और न ही संधि की किसी शर्त का पालन करने की कोई जरूरत है।”सीकरी ने आगे कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर के साथ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों के लोगों के हित में अपनी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। उनका कहना था कि भारत को अपने लोगों के हितों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी परियोजनाओं पर आगे बढ़ने का अधिकार है।
सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेद बने हुए हैं। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद संधि को स्थगित रखने का रुख अपनाया है। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि संधि लागू है और भारत इसे एकतरफा तरीके से स्थगित नहीं कर सकता। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने UNGA में कहा कि सिंधु नदी के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी कोशिश को पाकिस्तान “युद्ध की कार्रवाई” मानेगा।
संधि की कानूनी स्थिति को लेकर भी दोनों देशों के रुख अलग हैं। हालिया मध्यस्थता कार्यवाही में कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने कहा कि संधि लागू बनी हुई है, जबकि भारत ने इस निकाय के अधिकार क्षेत्र और उसके फैसले को खारिज किया है। इस कारण सिंधु जल संधि को लेकर कानूनी और कूटनीतिक विवाद भी जारी है।वीणा सीकरी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) की स्थिति को लेकर भी इस्लामाबाद पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान वहां के निवासियों के साथ भेदभाव करता है और उनका आर्थिक शोषण किया जाता है। सीकरी ने इसे पाकिस्तान के कथित दोहरे रवैये से जोड़ते हुए कहा कि एक तरफ वह अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र के लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देता और दूसरी तरफ भारत के जम्मू-कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सवाल उठाता है।
उन्होंने कहा, “आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पाकिस्तान सरकार PoJK के निवासियों के साथ कैसा भेदभाव करती है। फिर भी उनमें इतनी हिम्मत और ढिठाई है कि वे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की आलोचना करते हैं, जो भारत का एक अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।”कश्मीर के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान लंबे समय से अलग-अलग रुख रखते आए हैं। भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बताता है, जबकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहा है। UNGA में भी शहबाज शरीफ ने कश्मीर का उल्लेख किया और पाकिस्तान का पुराना रुख दोहराया।
सीकरी ने पाकिस्तान की ओर से कश्मीर और सिंधु जल संधि को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर उठाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि इस्लामाबाद को अपनी आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान की नीतियों और आतंकवाद के मुद्दे को क्षेत्रीय अस्थिरता से जोड़ते हुए भारत के फैसलों का समर्थन किया।
सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। हाल के घटनाक्रमों के बाद इसे लेकर तनाव और बढ़ा है। पाकिस्तान जहां भारत के फैसले का विरोध कर रहा है, वहीं भारत ने अपने सुरक्षा हितों और पहलगाम हमले के बाद बने हालात का हवाला देते हुए संधि को स्थगित रखने का रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं।
फिलहाल UNGA में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाए जाने के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए भारत के रुख का बचाव किया और PoJK में रहने वाले लोगों की स्थिति को लेकर पाकिस्तान पर सवाल उठाए हैं।