तरंग शक्ति में पहली बार गरजेंगे अमेरिकी F-35
छह फाइटर जेट और 200 से ज्यादा एयरमैन पहुंचे जोधपुर
जोधपुर। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि अमेरिकी वायु शक्ति जोधपुर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के छह F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान और 200 से अधिक एयरमैन पहली बार एक्सरसाइज तरंग शक्ति में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “अमेरिकी वायु शक्ति जोधपुर पहुंच गई है। छह F-35 लाइटनिंग II और 200 से अधिक एयरमैन एक्सरसाइज तरंग शक्ति में अपनी पहली भागीदारी के लिए भारत में हैं।”
अमेरिकी राजदूत ने F-35 लड़ाकू विमानों की तरंग शक्ति में पहली भागीदारी को लेकर उत्साह भी जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के प्रमुख पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना और अन्य साझेदारों के साथ उड़ान भरते देखना उत्साहजनक होगा। सर्जियो गोर के मुताबिक, यह पहली बार है जब अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान एक्सरसाइज तरंग शक्ति में हिस्सा ले रहे हैं। इसके लिए छह विमानों के साथ 200 से ज्यादा अमेरिकी एयरमैन भारत पहुंचे हैं।
अमेरिकी राजदूत ने अपने संदेश में भारतीय वायुसेना और अभ्यास में शामिल अन्य साझेदारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि F-35 विमान भारतीय वायुसेना और साझेदारों के साथ उड़ान भरेंगे। इस तरह जोधपुर में आयोजित एक्सरसाइज तरंग शक्ति में अमेरिकी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की मौजूदगी पहली बार देखने को मिलेगी। F-35 लाइटनिंग II को लेकर सर्जियो गोर ने इसे अमेरिका का प्रमुख पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बताया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इन विमानों की तरंग शक्ति में यह पहली भागीदारी है।
जोधपुर में अमेरिकी दल की मौजूदगी के साथ छह F-35 लड़ाकू विमान भी अभ्यास के लिए पहुंचे हैं। अमेरिकी दल में 200 से अधिक एयरमैन शामिल हैं। ये सभी एक्सरसाइज तरंग शक्ति के दौरान होने वाली गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। सर्जियो गोर के बयान में मुख्य रूप से अमेरिकी F-35 विमानों की पहली भागीदारी और भारतीय वायुसेना तथा अन्य साझेदारों के साथ उनके उड़ान भरने का उल्लेख किया गया है। उन्होंने इसे लेकर उत्साह जताते हुए जोधपुर में अमेरिकी वायु शक्ति के पहुंचने की जानकारी दी।
इस बार एक्सरसाइज तरंग शक्ति में अमेरिकी भागीदारी की खास बात छह F-35 लाइटनिंग II विमानों की मौजूदगी है। अमेरिकी राजदूत के मुताबिक, ये विमान पहली बार इस अभ्यास का हिस्सा बन रहे हैं और भारतीय वायुसेना तथा अन्य साझेदारों के साथ उड़ान भरेंगे।