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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान के मामले पर भारत के साथ विमर्श करने की बात कही। राअमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान के मामले पर भारत के साथ विमर्श करने की बात कही। राष्ट्रपति बाइडन व्हाइट हाउस में एक न्यूज कान्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कान्फ्रेंस में उनसे सवाल किया गया कि क्या यूक्रेन में रूस के इस हमले पर भारत अमेरिका के साथ पूरी तरह खड़ा है। ऐसा माना जा रहा है कि यूक्रेन संकट को लेकर भारत और अमेरिका का रुख समान नहीं है। क्योंकि रूस के साथ भारत का मित्रवत संबंध काफी पुराना रहा है जबकि अमेरिका के साथ हाल में ही संबंध बने हैं। इसके अलावा रूस से भारत में रक्षा हथियारों की भी बड़ी मात्रा में सप्लाई होती है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को भारत समेत 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में यूक्रेन में रूस की कार्रवाई के विरोध में तैयार किए गए मसौदे पर वोटिंग की जाएगी। ऐसी संभावना है कि रूस इससे इन्कार कर देगा लेकिन वाशिंगटन इसके जरिए मास्को को अलग-थलग करने की उम्मीद रखता है। अब तक रूस के खिलाफ भारत ने खुलकर कुछ नहीं कहा है लेकिन मास्को से यूक्रेन में हिंसा रोकने की अपील स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से गुरुवार को फोन पर बात किया था।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हमलावर बताया और चेतावनी दी कि उन्होंने इस युद्ध को चुना और अब पुतिन और उनका देश परिणाम भुगतेंगे। इतना ही नहीं VTB सहित 4 और रूसी बैंकों पर प्रतिबंध भी लगाने की बात कही है। बाइडन ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि वह यूक्रेन में अपनी सेना नहीं भेजेंगे। बाइडन ने कहा कि रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह नाटो देशों की जमीन की रक्षा करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
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