नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित 9वें ‘इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक 2026’ के दौरान अफ्रीकी देशों के राजदूतों और वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत ने सतत विकास लक्ष्य-6 यानी SDG 6 को तेजी से लागू करने और अफ्रीकी देशों के साथ मिलकर समावेशी तथा जलवायु-अनुकूल जल सुरक्षा को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राउंडटेबल का उद्देश्य SDG 6 को तेजी से लागू करने के लिए साझेदारी को मजबूत करना और अफ्रीका की विकास तथा जलवायु संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल जल सुरक्षा को आगे बढ़ाना था।SDG 6 संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में शामिल है और इसका उद्देश्य सभी लोगों के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छता की उपलब्धता तथा इसके टिकाऊ प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। इसके तहत सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, जल गुणवत्ता, जल उपयोग की दक्षता, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जल से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण जैसे विषय शामिल हैं।
भारत-अफ्रीका राउंडटेबल में जल और स्वच्छता के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में 22 अफ्रीकी देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों और वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा विकास साझेदारों और जल, स्वच्छता एवं हाइजीन यानी WASH क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की भी भागीदारी रही।बैठक के दौरान क्षमता निर्माण, पानी की गुणवत्ता की निगरानी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, समुदाय आधारित पहल, जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। भारत ने जल प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करने तथा अफ्रीकी देशों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 9वें इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक की थीम ‘क्लाइमेट रेजिलिएंट वॉटर मैनेजमेंट’ रखी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के कारण जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन के लिए वैश्विक स्तर पर संवाद, तकनीक, नवाचार और साझेदारी को बढ़ावा देना है।इस आयोजन में नीति निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग जगत, जल क्षेत्र के विशेषज्ञों, नवाचार से जुड़े लोगों और युवा पेशेवरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जल सुरक्षा से जुड़ी मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों के समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक के दौरान समावेशी और समान जल प्रशासन, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सहयोग, जल सुरक्षा में तकनीक और समुदाय की भूमिका, जलवायु संबंधी जोखिम, जल बुनियादी ढांचे के लिए नए वित्तीय मॉडल, टिकाऊ जल संसाधन प्रबंधन और लोगों तथा पर्यावरण के लिए पानी जैसे प्रमुख विषयों को चर्चा में शामिल किया गया।अफ्रीकी देशों के साथ आयोजित राउंडटेबल भी इसी व्यापक उद्देश्य का हिस्सा रहा। इसमें पानी और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए अलग-अलग देशों के अनुभवों से सीखने और व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर जोर दिया गया।
जलवायु परिवर्तन के कारण कई क्षेत्रों में सूखा, अनियमित बारिश, बाढ़ और जल उपलब्धता में बदलाव जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में जल संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन और जलवायु के प्रभावों को सहने में सक्षम बुनियादी ढांचा विकसित करना महत्वपूर्ण हो गया है। इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक का मुख्य विषय भी इसी दिशा में केंद्रित रहा।भारत की ओर से जल सुरक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी और तकनीकी नवाचार को महत्वपूर्ण बताया गया है। जल शक्ति मंत्रालय के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विचार-विमर्श तक सीमित रहने के बजाय ऐसी साझेदारियां और समाधान विकसित करना है जिन्हें व्यावहारिक स्तर पर लागू किया जा सके।
भारत-अफ्रीका राउंडटेबल में डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। पानी की गुणवत्ता की निगरानी और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में डिजिटल तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा स्थानीय समुदायों की भागीदारी को मजबूत कर जल और स्वच्छता सेवाओं को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।कार्यक्रम के दौरान जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे को विकसित करने की आवश्यकता भी सामने रखी गई। इसका उद्देश्य ऐसी जल प्रणालियां तैयार करना है जो बदलते मौसम और जलवायु संबंधी जोखिमों के बीच भी लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
9वां इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जल आयोजनों में शामिल है। इसकी शुरुआत पहले ‘इंडिया वॉटर वीक’ के रूप में हुई थी। 2026 में इसे ‘इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक’ के रूप में आयोजित किया गया, जो जल संबंधी चुनौतियों के समाधान में बढ़ते वैश्विक सहयोग को दर्शाता है।कार्यक्रम में भारत-अफ्रीका सहयोग पर हुई चर्चा का प्रमुख फोकस SDG 6 के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में साझेदारी को मजबूत करना रहा। भारत ने अफ्रीकी देशों की विकास और जलवायु प्राथमिकताओं के अनुरूप सहयोग करने तथा जल सुरक्षा, स्वच्छता, क्षमता निर्माण, डिजिटल समाधान और समुदाय आधारित मॉडल पर अनुभव साझा करने की इच्छा जताई।
इस राउंडटेबल के जरिए भारत और अफ्रीकी देशों ने जल और स्वच्छता क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक में सामने आए विषय भविष्य में क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए आधार बन सकते हैं। साथ ही SDG 6 को हासिल करने और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी जल चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की भूमिका पर भी जोर दिया गया।