कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ गई है। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास और निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमलों से कम से कम चार लोग घायल हो गए। कई आवासीय भवनों, गोदामों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर, रूस के रियाजान क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले के कारण एक व्यक्ति घायल हुआ है। इस तरह दोनों देशों में रातभर हुए हमलों में कम से कम पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी सेना ने बुधवार शाम से गुरुवार सुबह तक कई क्षेत्रों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए। निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र के निप्रो और समर शहरों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। इन हमलों में तीन लोग घायल हुए। कई स्थानों पर आग लगने से संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।निप्रो शहर में ड्रोन हमले के बाद एक मकान की छत में आग लग गई। इसके अलावा कई गैरेज भी आग की चपेट में आ गए। क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी हमले की सूचना मिली है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, आग पर काबू पाने और प्रभावित स्थानों को सुरक्षित बनाने के लिए आपातकालीन कर्मचारियों को तैनात किया गया।
यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास भी रूसी ड्रोन हमलों से नुकसान हुआ है। कीव क्षेत्र के बुचा जिले में एक लॉजिस्टिक्स केंद्र को निशाना बनाया गया। हमले के बाद परिसर में भीषण आग लग गई। यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा ने बताया कि आग बुझाने के लिए बुचा और आसपास के जिलों से दमकलकर्मियों को बुलाया गया। इस हमले में एक व्यक्ति घायल हुआ है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुचा जिले में हुए हमले में किसी व्यक्ति की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, आग लगने से गोदाम और संबंधित ढांचे को नुकसान पहुंचा। बचावकर्मियों को आग बुझाने के साथ क्षतिग्रस्त संरचनाओं की जांच भी करनी पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य जारी रहा।
यूक्रेन की वायुसेना ने गुरुवार को दावा किया कि रूस ने रातभर के हमलों के दौरान कुल 128 ड्रोन और दो मिसाइलें दागीं। इनमें शाहेद श्रेणी के हमलावर ड्रोन और अन्य प्रकार के मानवरहित विमान शामिल थे। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, 128 में से 105 ड्रोन को मार गिराया गया या इलेक्ट्रॉनिक तकनीक की मदद से निष्क्रिय कर दिया गया।यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में 18 स्थानों पर हमलों का प्रभाव दर्ज किया गया, जबकि नौ अन्य स्थानों पर रोके गए ड्रोन का मलबा गिरा। हालांकि, युद्ध के दौरान दोनों देशों की ओर से जारी सैन्य आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि करना कठिन होता है।
रूस की ओर से भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों की जानकारी सामने आई है। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, रियाजान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए। इस दौरान कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों में आग लग गई। हमले के कारण बिजली आपूर्ति से जुड़ी लाइनों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।रियाजान के गवर्नर पावेल मालकोव ने बताया कि हमले में एक व्यक्ति घायल हुआ है। कई स्थानों पर ड्रोन का मलबा गिरने से आग लगने की घटनाएं हुईं। एक स्कूल की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जिसके बाद वहां कक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। कुछ निजी मकानों और गैर-आवासीय भवनों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रूसी क्षेत्र और आसपास के समुद्री इलाकों में 496 यूक्रेनी ड्रोन को रोक दिया या नष्ट कर दिया। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दोनों पक्षों की ओर से जारी हमलों और उन्हें रोकने से संबंधित दावों में अंतर बना हुआ है।ताजा हमलों के बीच ऊर्जा और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है। रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे के ऐसे ठिकानों पर हमले करने का दावा करते रहे हैं, जिनका संबंध ऊर्जा आपूर्ति, परिवहन और सैन्य गतिविधियों से है। इन हमलों के कारण आम नागरिकों को भी बिजली कटौती, संपत्ति के नुकसान और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमलों की बढ़ती तीव्रता का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है। यदि तेल शोधन संयंत्रों, ईंधन भंडारण केंद्रों या प्रमुख परिवहन सुविधाओं को गंभीर नुकसान पहुंचता है, तो आपूर्ति संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, ताजा घटनाओं से वैश्विक तेल आपूर्ति पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह नुकसान के वास्तविक आकलन पर निर्भर करेगा।रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पहले से ही यूरोप और अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष लंबा खिंचने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। इसके बावजूद जमीनी लड़ाई के साथ-साथ ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है।
ड्रोन युद्ध की इस नई परिस्थित‍ि में दोनों देशों के लिए हवाई सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण बन गई है। आधुनिक ड्रोन अपेक्षाकृत कम लागत पर दूर स्थित ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। यही वजह है कि रूस और यूक्रेन दोनों अपनी वायु रक्षा प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने में लगे हैं।फिलहाल कीव, निप्रोपेट्रोव्स्क और रियाजान में प्रभावित स्थानों पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में बचाव और मरम्मत कार्य जारी रहने की जानकारी दी है। ताजा हमलों ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का सबसे गंभीर असर आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी सुविधाओं पर पड़ रहा है।
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