नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारत, नेपाल और भूटान के बीच सीमा पार आवागमन को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आव्रजन और विदेशी नागरिकों से संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों को निर्धारित सीमा मार्गों से यात्रा करते समय अपनी पहचान साबित करने के लिए मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। नई व्यवस्था के तहत आव्रजन अधिकारी जरूरत पड़ने पर यात्रियों से अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकेंगे। हालांकि, भारत और दोनों पड़ोसी देशों के बीच मौजूदा पासपोर्ट तथा वीजा संबंधी छूट निर्धारित शर्तों के साथ जारी रहेगी।गृह मंत्रालय ने आव्रजन और विदेशी नागरिक (छूट) संशोधन आदेश, 2026 जारी किया है। यह आदेश 2025 में लागू व्यवस्था में बदलाव करता है। संशोधन 4 नवंबर 2026 को जारी किया गया और 5 नवंबर को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ प्रभावी हो गया। इसका उद्देश्य यात्रा संबंधी छूटों की शर्तों को स्पष्ट करना और सीमा पार करने वाले यात्रियों की पहचान सुनिश्चित करना है।नए आदेश के अनुसार, कोई भारतीय नागरिक नेपाल या भूटान से जमीन अथवा हवाई मार्ग से भारत में प्रवेश करता है या भारत से इन देशों की यात्रा करता है, तो उसे आव्रजन अधिकारी के समक्ष मान्य पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। यह दस्तावेज केंद्र सरकार की वीजा नियमावली में निर्धारित दस्तावेजों में से एक होना चाहिए।आदेश में यह भी कहा गया है कि आव्रजन अधिकारी यात्रा और पहचान से संबंधित आवश्यक जानकारी मांग सकते हैं। इसका मतलब है कि यात्रियों को सीमा पार करते समय अपनी पहचान और यात्रा से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहना होगा।
भारतीय नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से नागरिकों को आवागमन की विशेष सुविधाएं मिलती रही हैं। इसी तरह भारत और भूटान के बीच भी यात्रा के लिए कई श्रेणियों में पासपोर्ट और वीजा की छूट उपलब्ध है। नए संशोधन से इन सुविधाओं को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है।भारतीय नागरिक नेपाल या भूटान की यात्रा के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार पासपोर्ट के अलावा अन्य स्वीकृत पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि प्रस्तुत दस्तावेज संबंधित यात्रा मार्ग के लिए मान्य हो।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई भारतीय नागरिक नेपाल या भूटान के रास्ते किसी तीसरे देश की यात्रा करता है या किसी तीसरे देश से इन सीमाओं के रास्ते भारत लौटता है, तो उसे सामान्य यात्रा छूट नहीं मिलेगी। ऐसे मामलों में वैध पासपोर्ट रखना अनिवार्य होगा।इसके अतिरिक्त, ऐसे यात्रियों को भारत में प्रवेश या निकास के लिए निर्धारित आव्रजन जांच चौकियों का ही उपयोग करना होगा।
नेपाल और भूटान के नागरिकों पर भी लागू होंगे नियम
संशोधित आदेश के तहत नेपाल और भूटान के नागरिकों को भी भारत में प्रवेश करते समय या भारत से बाहर जाते समय अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी। जमीन और हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले नागरिकों को वीजा नियमावली में निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज आव्रजन अधिकारी को दिखाना होगा।हालांकि, नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भारत में प्रवेश की पासपोर्ट और वीजा संबंधी विशेष छूट जारी रहेगी। इसका अर्थ यह है कि दोनों देशों के नागरिकों को हर परिस्थिति में पासपोर्ट बनवाना अनिवार्य नहीं किया गया हैगृह मंत्रालय की पूर्व से जारी यात्रा संबंधी नीति के अनुसार, नेपाली और भूटानी नागरिकों के लिए पासपोर्ट, नागरिकता प्रमाणपत्र, संबंधित देश के निर्वाचन आयोग का मतदाता पहचान पत्र तथा कुछ परिस्थितियों में दूतावास द्वारा जारी सीमित अवधि का फोटो पहचान प्रमाणपत्र मान्य दस्तावेजों में शामिल रहे हैं।हालांकि, यात्रियों को नवीनतम वीजा नियमावली और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार ही दस्तावेज लेकर यात्रा करनी चाहिए।
तीसरे देश से आने वालों के लिए सख्त शर्तें
नए आदेश में तीसरे देशों से यात्रा करने वाले नेपाली और भूटानी नागरिकों के लिए अलग प्रावधान किया गया है। यदि नेपाल या भूटान का कोई नागरिक भारत में किसी ऐसे स्थान से प्रवेश करता है या भारत से ऐसे स्थान के लिए निकलता है जो नेपाल या भूटान नहीं है, तो उसके पास वैध पासपोर्ट होना आवश्यक होगा।वहीं, चीन, मकाऊ, हांगकांग या पाकिस्तान से यात्रा शुरू करने या इन स्थानों से होकर भारत आने वाले नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए वैध पासपोर्ट के साथ वैध भारतीय वीजा भी जरूरी होगा।यह प्रावधान सामान्य भारत-नेपाल और भारत-भूटान यात्रा व्यवस्था से अलग है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले नागरिकों को अपने मार्ग के आधार पर दस्तावेज संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी पहले से प्राप्त करनी होगी।
वीजा नियमावली को भी किया गया स्पष्ट
गृह मंत्रालय ने संशोधित आदेश में 'वीजा मैनुअल' की परिभाषा भी शामिल की है। इसके अनुसार, केंद्र सरकार समय-समय पर वीजा, आव्रजन तथा संबंधित मामलों में जारी निर्देशों को इस नियमावली में शामिल करेगी।इस बदलाव का महत्व इसलिए है क्योंकि पहचान के लिए मान्य दस्तावेजों का निर्धारण संबंधित नियमावली के अनुसार होगा। यात्रियों को केवल किसी एक सामान्य पहचान पत्र के आधार पर यात्रा की अनुमति मिलने की धारणा नहीं बनानी चाहिए।विशेष रूप से यह समझना जरूरी है कि आधार कार्ड या कोई अन्य घरेलू पहचान पत्र हर अंतरराष्ट्रीय यात्रा मार्ग के लिए स्वतः मान्य यात्रा दस्तावेज नहीं बन जाता। दस्तावेज की स्वीकार्यता संबंधित देश, यात्रा के माध्यम और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
कुछ विशेष श्रेणियों को छूट जारी
गृह मंत्रालय ने संशोधित आदेश में कुछ विशेष श्रेणियों के लिए पासपोर्ट और वीजा से संबंधित छूट भी स्पष्ट की है।इनमें आधिकारिक ड्यूटी पर भारत में प्रवेश करने या देश से बाहर जाने वाले भारतीय नौसेना, थलसेना और वायुसेना के सदस्य शामिल हैं। सरकारी परिवहन में उनके साथ यात्रा करने वाले परिवार के सदस्यों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार छूट मिलेगी।इसके अतिरिक्त, 9 जनवरी 2015 तक भारत में शरण लेने वाले पंजीकृत श्रीलंकाई तमिल नागरिकों के लिए भी संबंधित छूट का प्रावधान रखा गया है।भारत में मरम्मत के लिए आने वाले विदेशी सैन्य जहाजों के चालक दल के सदस्यों को भी आवश्यक सैन्य पहचान दस्तावेज और निर्धारित अनुमति के आधार पर छूट प्रदान की जा सकती है।
सीमा पार यात्रा करने वालों को क्या करना चाहिए?
भारत से नेपाल या भूटान जाने वाले यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे यात्रा से पहले मान्य पहचान दस्तावेजों की जानकारी जरूर प्राप्त करें। विशेष रूप से हवाई यात्रा करने वाले नागरिकों को संबंधित एयरलाइन और आव्रजन अधिकारियों द्वारा स्वीकृत दस्तावेजों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।वहीं, नेपाल और भूटान से भारत आने वाले यात्रियों को भी अपना वैध पहचान प्रमाण साथ रखना होगा। यदि यात्रा में किसी तीसरे देश का मार्ग शामिल है, तो पासपोर्ट और वीजा की आवश्यकताओं की अलग से जांच जरूरी होगी।सरकार के इस संशोधन से सीमा पार यात्रा की पहचान संबंधी शर्तें अधिक स्पष्ट हो गई हैं। हालांकि, आम यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भारत, नेपाल और भूटान के बीच सामान्य यात्रा पर पासपोर्ट-वीजा की सभी छूट समाप्त नहीं हुई हैं; मान्य पहचान दस्तावेज दिखाने की शर्त स्पष्ट की गई है।
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