
x
बिहार में सियासी भूचाल
पटना। बिहार में अवैध कारतूसों की तस्करी के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि करीब 44 हजार जिंदा कारतूसों की बरामदगी से जुड़े लोगों का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबंध है। उन्होंने चार लोगों के नाम सार्वजनिक करते हुए मामले की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, आरोपियों के RSS से जुड़े होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तेजस्वी यादव ने 5 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए चंदन तिवारी, अभिषेक तिवारी, लालटू कुमार और सरस कुमार का नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग गोला-बारूद की अंतरराज्यीय तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हैं। तेजस्वी ने RSS की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। हालांकि, उनके आरोपों के समर्थन में पुष्ट साक्ष्य सार्वजनिक होने की जानकारी नहीं मिली है।
रिपोर्टों के अनुसार, बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कारतूस तस्करी के एक नेटवर्क का खुलासा किया था। इस मामले में करीब 19 हजार कारतूस बरामद होने और तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। हरियाणा में हुई एक अन्य बरामदगी को जोड़कर कुल संख्या 44 हजार से अधिक बताई जा रही है।
मामले में गिरफ्तार बताए गए व्यक्तियों की भूमिका और कारतूसों की आपूर्ति के नेटवर्क को लेकर जांच महत्वपूर्ण है। वहीं, तेजस्वी यादव के आरोपों के बाद यह मामला कानून-व्यवस्था के साथ राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कारतूसों की बरामदगी और किसी राजनीतिक या सामाजिक संगठन से आरोपियों के कथित संबंध दो अलग-अलग तथ्य हैं। RSS से संबंध होने का दावा अभी तेजस्वी यादव का राजनीतिक आरोप है, जिसे सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
जनता से रिश्ता इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है। यह जानकारी जनस्रोतों और सोशल मीडिया माध्यमों से प्राप्त हुई है।
Next Story





