होर्मुज में तेल टैंकरों पर 3 हमले, बढ़ सकते हैं तेल और LPG के दाम

मस्कट/दुबई: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री व्यापार मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) में एक बार फिर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर संकट गहरा गया है। ओमान के खसाब शहर के निकट समुद्र से गुजर रहे एक कमर्शियल तेल टैंकर (Oil Tanker) पर तीन अज्ञात प्रोजेक्टाइल (अज्ञात मिसाइल या ड्रोन हमले) से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर घटना की आधिकारिक पुष्टि ब्रिटेन की प्रमुख समुद्री सुरक्षा एजेंसी 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (UKMTO) ने की है। एजेंसी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बाहर निकलकर खुले समुद्र की ओर बढ़ रहा था।

घटना का घटनाक्रम और मुख्य तथ्य 

घटना स्थल: ओमान के खसाब (Khasab) शहर से लगभग 17 समुद्री मील (अप्रोक्स 31 किलोमीटर) पूर्व में।

हमले का स्वरूप: जहाज के क्रू (चालक दल) ने रिपोर्ट दी कि टैंकर से एक के बाद एक 3 अज्ञात प्रोजेक्टाइल (Unidentified Projectiles) टकराए।

जान-माल का नुकसान: राहत की बात यह है कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार हमले में किसी भी चालक दल के सदस्य की मौत या घायल होने की खबर नहीं है।

पर्यावरणीय स्थिति: समुद्र में तेल का रिसाव (Oil Spill) नहीं हुआ है और किसी भी तरह के बड़े पर्यावरणीय नुकसान की सूचना नहीं है।

जांच एजेंसी की भूमिका: UKMTO ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आसपास से गुजर रहे सभी जहाजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का नतीजा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुआ यह हमला ऐसे समय में आया है जब पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। क्षेत्र में हालिया घटनाक्रमों ने स्थिति को बेहद नाजुक बना दिया है:LARAK द्वीप पर अमेरिकी स्ट्राइक: रविवार को अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'लारिक द्वीप' (Larak Island) पर मौजूद ईरानी मिसाइल लॉन्चरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक हवाई हमले किए थे।

ईरान का जवाबी हमला: अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने जॉर्डन (Jordan) में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। UAE में अमेरिकी ठिकानों पर हमला: इसके तुरंत बाद ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मौजूद अमेरिकी सैन्य परिसरों और ठिकानों को भी टारगेट कर मिसाइल और ड्रोन दागे गए।विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक तेल टैंकर पर हुआ यह ताजा हमला इसी क्षेत्रीय सैन्य टकराव की एक कड़ी हो सकता है।

ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर संकट का खतरा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट' (Chokepoint) माना जाता है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल (Crude Oil) का लगभग 20% से 25% हिस्सा जहाजों के जरिए गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और ईरान जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते से अपना तेल और एलपीजी (LPG) एशियाई और यूरोपीय बाजारों तक पहुंचाते हैं।

इस संकरे समुद्री मार्ग में जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उछाल (Spike) आने की आशंका प्रबल हो गई है। यदि इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, क्षेत्रीय नौसैनिक बल और सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके की निगरानी कर रही हैं और व्यापारिक जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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